जम्मू, राज्य ब्यूरो। सोपोर में उस्मान और सैफुल्ला की मौत काे एक बड़ी कामयाबी करार देते कश्मीर रेंज के डीआइजी ने मोहम्मद सुलेमान चौधरी ने कहा कि उत्तरी कश्मीर को दहलाने की आतंकवादियों की बड़ी आतंकी साजिश टल गई है। उत्तरी कश्मीर में करीब 60 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से करीब 40 आतंकी विदेशी ही हैं। डीआइजी चौधरी ने सेना की 5 सेक्टर आरआर के कमांडर ब्रिगेडियर विवेक नारंग की मौजूदगी में इस बारे में जानकारी दी। गौरतलब है कि सोपोर के रेबन इलाके में गत रविवार को करीब 12 घंटे तक सुरक्षाबलों और आतकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें दो विदेशियों समेत तीन आतंकी मारे गए थे।

उस्मान के बारे में दावा किया जाता है कि वह उत्तरी कश्मीर में सक्रिय उन दो प्रमुख आतंकियों में से एक था, जिसे सरहद पार से लगातार कश्मीर में किसी बड़े हमले को अंजाम देने का निर्देश मिल रहा था। आइइडी विशेषज्ञ उस्मान एक कार बम तैयार करने में जुटा हुआ था। वह इसके लिए एक छोटी कार की तलाश में भी था। सुरक्षा एजेेंसियों ने बीते सप्ताह इस सिलसिल में एक अलर्ट भी जारी किया था।

डीआइजी उत्तरी कश्मीर रेंज सुलेमान चौधरी ने कहा कि सोपोर में लश्कर के तीन आतंकियों के मारे जाने से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है। हम किसी बड़े आतंकी हमले की आशंका को नहीं नकार सकते, लेकिन हम किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह समर्थ हैं। सोपोर में उस्मान व उसके साथियों के शवों के पास मिले हथियारों के आधार पर कहा जा सकता है वे किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।उस्मान व सैफुल्ला दोनों ही बीते दो साल से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय थे। उस्मान आतंकियों के उस हिट स्कवाड का भी हिस्सा था जिसने गत दिनों सोपोर में सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया था। यह हिट स्कवाड टीआरएफ केे बैनर तले बनाया गया है। इसमें लश्कर,जैश व हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को शामिल किया गया है।

उत्तरी कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के बारे में पूछे जाने पर डीआइजी कहा कि संख्या की सही पुष्टि नही की जा सकती। यह घटती बढ़ती रहती है। हमारे मुताबिक, उत्तरी कश्मीर में 60 सूचीबद्ध आतंकी हैं, इनमें 40 विदेशी आतंकी ही हैं। इसके अलावा सात विदेशी आतंकी बीते एक-दो माह के दौरान ही घुसपैठ कर उत्तरी कश्मीर में दाखिल हुए है। इसके अलावा स्थानीय युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती में भी कमी आयी है। बीते साल आतंकी बनने वाले स्थानीय युवकों में से अधिकांश मारे गए हैं या फिर पकड़े जा चुके हैं। इस साल भी हमने करीब एक दर्जन युवकों को आतंकी बनने से बचाया है।

डीआइजी ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में लोगों का आतंकवाद से मोह भंग हो चुका है। यही कारण है कि पाचं अगस्त 2019 के बाद यहां हालात लगभग सामान्य रहे हैं। लोग आतंकियों का सहयोग नहीं करते। पाकिस्तान की शह पर पलने वाले आतंकी और अलगाववादी तत्वों ने उत्तरी कश्मीर में कई बार हालात बिगाड़ने का प्रयास किया है। इसके लिए उन्होंने यहां फल व्यापारियों, श्रमिकों और कुछ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को भी निशाना बनाया। इसक बावजूद वे अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। उत्तरी कश्मीर में लोग आतंकियों के खिलाफ पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग करते हैं।

बांडीपोर में गत सप्ताह हुई भाजपा नेता वसीम बारी की उनके भाई और पिता संग हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कातिलों के बारे में कई अहम सुराग जमा किए हैं।हम इस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। सेना की 5 आरआर सेक्टर के कमांडर ब्रिगेडियर विवेक नारंग ने इस दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि उत्तरी कश्मीर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एलओसी पर अकसर पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी की आड़ में आतंकी घुसपैठ का प्रयास करत हैं, लेकिन हर प्रयास को नाकाम बनाया जाता है। हमारी सूचनाओं के मुताबिक, गुलाम कश्मीर में एलओसी पर इस समय करीब 250 से 300 आतंकी विभिन्न लांचिंग पैड पर मौजूद हैं। यह जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए मौका तलाश रहे हैं, लेकिन हम इन्हें एलओसी पर ही मार गिराएंगे।

 

Posted By: Rahul Sharma

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