जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में डेंगू के मामले आना जारी है। मंगलवार को डेंगू के 11 और मामले दर्ज हुए। इन्हें मिलाकर अब तक जम्मू-कश्मीर में 378 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित जम्मू, कठुआ और सांबा तीन जिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक जम्मू जिले में सबसे अधिक 241 मामले हैं। वहीं सांबा जिले में 29 और कठुआ जिले में 64 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। यही नहीं ऊधमपुर जिले में भी छह लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

जम्मू-कश्मीर में कई सालों से तीन जिलों में ही सबसे अधिक मामले देखने को मिलते हैं। साल 2014 में जब डेढ़ हजार से अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी तो भी जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में ही सबसे अधिक मामले आए थे। इन जिलों में तालाब भी अधिक हैं। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. रेनू शर्मा का कहना है कि लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक बनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों को अपने आसपास के क्षेत्रों में पानी खड़ा न होने देने और मच्छर को पनपने नहीं देने को कहा। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तापमान कम होने पर डेंगू के मामलों में कमी आना शुरू हो जाएगी।

फ्लैट में बदलाव के तथ्यों का पता लगाने को सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम के वेसू और बड़गाम के शेखपोरा में कश्मीरी विस्थापितों के लिए अस्थायी आवासीय फ्लैट बनाए जाने में किए गए बदलाव में तथ्यों का पता लगाने के लिए उपराज्यपाल प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है। सामान्य प्रशासनिक विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार तीन सदस्यीय कमेटी का चेयरमैन वित्त विभाग के वित्तीय आयुक्त अतिरिक्त मुख्य सचिव को बनाया गया है। आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास विभाग के प्रशासनिक सचिव और आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास विभाग के वित्त निदेशक को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

आदेश के अनुसार, कुलगाम के वेसू और बड़गाम के शेखपोरा में कश्मीरी विस्थापित कर्मियों के लिए अस्थायी आवासीय सुविधा के लिए वन बीएचके फ्लैट का निर्माण कार्य होना था जिसे तबदील करके टू बीएचके फ्लैट बनाए जा रहे है। कमेटी निर्माण कार्यों में बदलाव और किन हालात में बदलाव किया गया , इसके तथ्यों का पता लगाकर सरकार को रिपाेर्ट सौंपेगी।

Edited By: Vikas Abrol