मीरां साहिब, संवाद सहयोगी : क्षेत्र में आलू की खेती करने वाले किसान इन दिनों इसकी बंपर फसल को देखकर काफी खुश हैं। इसके साथ ही किसानों ने सरकार से मांग कर कहा कि आलू का मंडी में उचित दाम मिले, इसके लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। गांव गाजिया लंगोटिया आदि में आलू की खेती करने वाले किसान अशोक कुमार, साईं दास, चमन लाल, सुरेंद्र कुमार, मोहनलाल आदि का कहना है कि इस समय बाजार में 30 रुपये किलो आलू बिक रहा है। अगले महीने वह लोग अपनी आलू की खोदाई कर लेंगे।

इस बार बंपर फसल की उम्मीद है, मगर जब मंडी में लेकर जाएंगे तो उन्हें अपनी नई फसल की कीमत 10 रुपये किलो तक ही मंडी में मिलती है। इसमें उनकी लागत भी बड़ी मुश्किल से निकलती है। इसलिए सरकार को एमएसपी के हिसाब से उनके आलू का रेट फिक्स करना चाहिए, ताकि जो लोग आलू की खेती करते हैं, उनको अच्छा दाम मिल सके। किसान नेता सुभाष दसगोतरा का कहना है कि आज क्षेत्र का किसान परंपरागत खेती से हटकर सब्जियों, आलू की खेती कर रहा है।

सरकार को ऐसे किसानों की हौसला अफजाई करनी चाहिए। खासकर आलू की की खेती करने वाले किसान हमेशा ही घाटे में ही रहते हैं। इसलिए आलू को भी मंडी में सरकार को एमएसपी के तहत ही खरीद करनी चाहिए, ताकि वाजिब दाम किसानों को मिले। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि परंपरागत खेती से हटकर किसान बागवानी, फूल लगाना, सब्जियां उगाना आदि की तरफ ध्यान दें तो आर्थिक रूप से काफी मजबूत बन सकते हैं। इसके अलावा किसान कृषि विभाग से भी टिप्स प्राप्त कर अलग तरीके से खेती कर अच्छा मुनाफा कुमार सकते हैं।