जम्मू, जेएनएन। डिप्टी कमिश्नर किश्तवाड़ ने ड्यूटी से अनुपस्थित 78 सरकारी कर्मचारियों के वेतन को रोकने के निर्देश दिए हैं। डीसी के निर्देश पर तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों, स्कूलों का औचक दौरा किया। इसके बाद डीसी कार्यालय में सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में उन्होंने अधिकतर कर्मचारियों के ड्यूटी से गैर हाजिर रहने की बात जाहिर की। उन्होंने रिपोर्ट में यह भी बताया कि जिन कार्यालयों में ये कर्मी अनुपस्थित पाए गए उनके इंचार्ज का भी इस गैरजिम्मेदाराना रवैये के प्रति कोई सख्त रूख नहीं दिखा।

मातृत्व, चाइल्ड केयर के लिए भी महिला कर्मचारियों ने बड़ी लापरवाही के साथ आवेदन दिया है। उसके लिए न तो फार्म भरे गए हैं और न ही अवकाश पर तिथि आदि डाली गई है। यही नहीं अन्य आवश्यक कार्यों का हवाला देकर दिए गए छुट्टी के आवेदन पर भी कोई आधिकारिक स्वीकृति नहीं थी।

लगभग सभी कार्यालयों में आवेदनों को बहुत ही आकस्मिक तरीके से स्वीकृत किया जा रहा है। उन पर दिनांक तक नहीं डाली जाती। डीसी ने यह भी कहा है कि कर्मचारी इंचार्ज की अनुमति लिए बिना ही कार्यालय, संस्थान को छोड़ देते हैं। अनुपस्थिति की इस प्रथा को रोकने के लिए ही फिलहाल उनपस्थिति पाए गए 78 सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है।

डीसी ने सभी संबंधित जिला अधिकारियों को जांच अधिकारी के रूप में नामित करते हुए मामले की गंभीरता से जांच करने को कहा है। यही नहीं उन्होंने जांच अधिकारी को 25 मई तक या उससे पहले अपनी रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही।

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Posted By: Rahul Sharma

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