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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu And Kashmir : कश्मीर में दमदमा साहिब गुरुद्वारा होगा शिफ्ट, कोर्ट में विचाराधीन था मामला

By Preeti jhaEdited By:
Published: Fri, 13 Dec 2019 08:53 AM (IST)

कश्मीर में दमदमा साहिब गुरुद्वारा होगा शिफ्ट श्रीनगर-बारामुला मार्ग फोर लेन में आ रहा था गुरुद्वारा कोर्ट में विचाराधीन था मामला।

Jammu And Kashmir : कश्मीर में दमदमा साहिब गुरुद्वारा होगा शिफ्ट, कोर्ट में विचाराधीन था मामला
Jammu And Kashmir : कश्मीर में दमदमा साहिब गुरुद्वारा होगा शिफ्ट, कोर्ट में विचाराधीन था मामला

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। अक्सर सड़क विस्तारीकरण में धार्मिक स्थल आने पर भारी हल्ला शुरू हो जाता है, लेकिन कश्मीर में सिख समुदाय ने एक मिसाल कायम की है। श्रीनगर-बारामुला मार्ग पर दमदमा साहिब गुरुद्वारे को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति राजी हो गई है। बदले में कुछ दूरी पर प्रशासन ने गुरुद्वारे के लिए जमीन भी उपलब्ध करवा दी है।

श्रीनगर-बारामुला मार्ग फोर लेन बनाने की परियोजना के जल्द पूरा होने का मार्ग तैयार हो गया है। सड़क चौड़ीकरण की परियोजना 2007 में हुई थी शुरू 120 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-बारामुला- उड़ी मार्ग को चौड़ा करने की परियोजना वर्ष 2007 में शुरू की गई थी। सड़क चौड़ा करने का जिम्मा सड़क संगठन ने संभाला था, लेकिन भूमि अधिग्रहण, श्रमिकों की उपलब्धता समेत कई मुद्दों के चलते सड़क का काम कई जगहों पर रुक गया। छह साल तक यह काम बंद रहा। 2017 में दोबारा गति दी गई।

श्रीनगर के बाहर प¨रपोरा-नारबल सेक्शन में भूमि अधिग्रहण के मामलों के चलते काम नहीं हो पा रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत जैनकोट में सड़क किनारे गुरुद्वारा दमदमा साहिब की जमीन को लेकर हो रही थी। यह गुरुद्वारा सड़क के बीच आ रहा था। सड़क चौड़ा करने के लिए इसका एक हिस्सा ढहाने की जरूरत थी।

गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने गुरुद्वारे की जमीन के अधिगृहण के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर रखी थी। वर्ष 2015 से मामला अदालत में चल रहा था। सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। सिख समुदाय के आभारी हैं: डीसीजिला उपायुक्त (डीसी) श्रीनगर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने रविवार को फिर इस मामले को हल करने के लिए संबंधित इलाके का दौरा किया।

उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ मामले को कोर्ट के बाहर हल करने की कोशिश की। वह गुरुद्वारा प्रबंधन समिति को गुरुद्वारे की जमीन सड़क परियोजना के लिए देने में राजी करने में कामयाब रहे। गुरुद्वारे को लेकर जो विवाद था, वह हल हो गया है। समिति को हमने वैकल्पिक जमीन प्रदान की है। गुरुद्वारा निर्माण में प्रशासन द्वारा यथासंभव सहयोग भी किया जाएगा।

श्रीनगर-बारामुला-उड़ी सड़क पर यही हिस्सा था जिस कारण पूरी परियोजना प्रभावित हो रही थी। हम सिख संगत के आभारी हैं कि उन्होंने इस मामले में पूरा लचीला रवैया अपनाते हुए आम लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए गुरुद्वारे की जमीन देने पर सहमति दे दी। अब इस जगह संबंधित निर्माण एजेंसी भी काम शुरू कर चुकी है।