जागरण संवाददाता, जम्मू : पिछले एक महीने से जनरल हाउस की बैठक नहीं होने से जम्मू नगर निगम में विकास कार्य रुक गए हैं। लोगों को उम्मीद थी कि नगर निगम के गठन के बाद नालियों, गलियों के अलावा शहर में स्ट्रीट लाइटों व सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। लेकिन मेयर व प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते बैठकें ही नहीं हो रहीं। कॉरपोरेटरों में इससे भारी रोष व्याप्त हो गया है। इसी को लेकर शुक्रवार को विपक्षी कॉरपोरेटरों ने मेयर चंद्रमोहन गुप्ता, म्यूनिसिपल कमिश्नर पंकज मगोत्रा के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने इस दौरान मेयर कार्यालय वाली इमारत के गेट भी बंद कर दिया। इस मौके पर मेयर व डिप्टी मेयर कार्यालय में नहीं थे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाए कि जम्मू नगर निगम में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। मेयर खुद नियमों की परवाह नहीं कर रहे। म्यूनिसिपल कमिश्नर व अन्य अधिकारी भी उनकी देखादेखी लापरवाही बरत रहे हैं। नतीजतन शहर में विकास की रफ्तार थम गई है। त्योहारों का सीजन चल रहा है लेकिन निगम की ओर से कॉरपोरेटरों को कोई विकास करवाने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा।

कॉरपोरेटर द्वारका चौधरी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे कॉरपोरेटरों का कहना था कि 6 सितंबर को मेयर ने जनरल हाउस की बैठक स्थगित की थी। नियमों के तहत स्थगित करते समय उन्हें अगली तारीख घोषित करनी चाहिए थी। आज महीने से भी ज्यादा समय हो चुका है लेकिन जनरल हाउस की बैठक दोबारा आयोजित नहीं की गई। ऐसा नहीं होने से शहर में विकास कार्य रुक गए हैं। गलियों, नालियों का निर्माण रुक गया है। प्रदर्शनकारियों में कॉरपोरेटर द्वारका चौधरी, सुच्चा सिंह उर्फ डीसी, अशोक सिंह मन्हास, इंद्र सिंह सूदन, अमित गुप्ता, गौरव चोपड़ा, जगदीश कुमार, रितू चौधरी, रानी, संध्या गुप्ता, चरणजीत कौर शिगारी, शमा अख्तर, राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, भानू महाजन, रमा शामिल थे। द्वारका चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जानबूझ कर विपक्ष को तंग किया जा रहा है। जब चुनाव हुए थे तो लोगों को हमारे से काफी उम्मीदें थी। उन्हें पूरा करने में हम नाकाम रह रहे हैं। कॉरपोरेटरों को चक्कर लगवा रहे अधिकारी

सुच्चा सिंह ने कहा कि वार्ड में विकास कार्य रुक गए हैं। एक साल में मात्र दस लाख रुपये विकास के लिए मिले। अभी तक सिर्फ चालीस स्ट्रीट लाइटें निगम उपलब्ध करवा पाया है। त्योहारों का सीजन चल रहा है। लोग गलियों, नालियों के निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारे हाथ कुछ भी नहीं। नगर निगम टेंडर ही नहीं मांग रहा। अधिकारी कॉरपोरेटरों को चक्कर लगवा रहे हैं। संध्या गुप्ता ने कहा कि जनता हमें परेशान करने लगी है। एक साल में सिर्फ दस लाख रुपये के विकास कार्य करवाए गए। फंड ही उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। अधिकतर वार्डो में सफाई कर्मियों की भी कमी है। रितू चौधरी ने कहा कि जब हम कॉरपोरेटर बने तो लोगों के साथ वादे किए। उनकी गलियों, नालियों का निर्माण करवा देंगे लेकिन यहां पैसे ही नहीं हैं। निगम अधिकारी परवाह नहीं कर रहे। जनरल हाउस की बैठक करवाई नहीं जा रही। वार्डों की विभिन्न मांगों को लेकर कॉरपोरेटरों ने रोष जताते हुए करीब पौना घंटा विरोध प्रदर्शन किया। यह भी आरोप लगाए गए कि मेयर व डिप्टी मेयर वही काम कर रहे हैं जिनमें उन्हें कोई फायदा नजर आता है। शहर की आम जनता परेशान है। नगर निगम में कांग्रेस और निर्दलीय कॉरपोरेटर विपक्ष में हैं। वहीं नगर निगम ने फिलहाल जनरल हाउस की बैठक के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिन में इस संबंध में फैसला ले लिया जाएगा।

सनद रहे कि पिछले एक महीने में नगर निगम के विपक्षी कॉरपोरेटर चार बार प्रदर्शन कर चुके हैं। पत्रकार वार्ता के माध्यम से भी उन्होंने अपने मसले उजागर किए। इतना ही नहीं म्यूनिसिपल कमिश्नर को भी 24 कॉरपोरेटरों ने हस्ताक्षर कर बिना देरी जनरल हाउस की बैठक करने की मांग की। अभी तक कुछ नहीं हुआ।

Posted By: Jagran

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