जम्मू, जागरण संवाददाता: मार्च 2020 से लगातार कोरोना महामारी की मार झेल रहे जम्मू के उद्योग ने सरकार से उद्योगपतियों की आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है। उद्योगपतियों ने पिछले साल घोषित पावर एमनेस्टी स्कीम को फिर से लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि स्थानीय उद्योग इस समय एक बार फिर से मंदी की मार झेल रहा है, ऐसे में सरकार को कुछ मदद प्रदान करते हुए बिजली किराये में छूट देनी चाहिए।

उद्योगपतियों का कहना है कि आर्थिक संकट के कारण वे किराया जमा करवाने की हालत में नहीं है और अगर सरकार ने मदद नहीं की तो उनके बिजली कनेक्शन कट जाएंगे और उत्पादन बंद हो जाएगा।

फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने पावर एमनेस्टी स्कीम को फिर से लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी का कहर शुरू हुआ था और पिछले साल के अंत में कुछ राहत मिलने के बाद अब एक बार फिर से उद्योग इसकी चपेट में आ गया है।

महाजन ने यहां जारी बयान में कहा कि सरकार ने पिछले साल पावर एमनेस्टी स्कीम लागू की थी जो 30 नवंबर 2020 तक लागू रही। काफी संख्या में ऐसे उद्योगपति थे जो इस योजना का समय पर लाभ नहीं उठा पाए। महाजन ने कहा कि काफी संख्या में ऐसी औद्योगिक इकाईयां थी जो बंद थी और उनके बिजली कनेक्शन काटे जा चुके थे लेकिन विभाग उन्हें तब भी न्यूनतम बिजली किराये के बिल देता रहा और उस पर जुर्माना व ब्याज भी लगाता रहा। इस विवाद के कारण काफी औद्योगिक इकाईयों के पुराने बिल क्लीयर नहीं हो पाए और उन्हें पावर एमनेस्टी स्कीम का लाभ नहीं मिल पाया।

ललित महाजन ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की है कि 29 अगस्त 2020 को घोषित पावर एमनेस्टी स्कीम, जोकि 30 नवंबर 2020 को खत्म हो गई थी, उसे दोबारा बहाल किया जाए और कम से कम 31 मार्च 2022 तक लागू रखा जाए। इससे बिजली विभाग को भी राजस्व प्राप्त होगा और उद्योगपतियों को भी राहत मिलेगी। महाजन ने पुराने विवादास्पद मामलों के निपटारे के लिए समाधान स्कीम लागू करने की भी अपील की है।