जम्मू, जेएनएन। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट जेकेएनएल के मुखिया यासीन मलिक को दिल्ली कोर्ट द्वारा टेरर फंडिंग के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है और 10 लाख का जुर्माना लगाया है। हालांकि सजा सुनाए जाने के कुछ समय पहले कश्मीर के मैसूमा में यासीन के निवास स्थान के बाहर सुरक्षाबलों पर यासीन के कुछ समर्थकों ने पत्थरबाजी भी की लेकिन मुस्तैद सुरक्षाबलों ने तुरंत आंसू गैस के गोले दागकर उन पर तुरंत काबू पा लिया।

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस:

इसी बीच जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने यासीन मलिक पर हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि हम न्यायालय के फैसले की सराहना करते हैं। कांग्रेस हमेशा ही राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती रही है। अफजल गुरु पर भी कार्रवाई कांग्रेस के समय में ही हुई थी। अभी यासीन मलिक पर और भी मामले हैं, पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। आतंकवाद व राष्ट्रवाद के खिलाफ काम करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। 

जम्मू-कश्मीर भाजपा:

जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविन्द्र रैना का कहना है कि दूसरों का खून बहाने वाले अलगाववादियों को अब उनके किए की सजा मिलना शुरू हो गई है। अदालत ने एक देशद्रोही को उसके किए की सजा दी है। इससे उन परिवारों को भी राहत मिली है जिनके कईं परिजन ऐसे अलगाववादियों के कारण ही आज इस दुनिया में नहीं हैं। रैना ने कहा कि कश्मीर में खून-खराबा करने के लिए जिम्मेदार सभी देश द्रोहियों को इसी तरह से सजा मिलेगी।

पाकिस्तान से पैसा लेकर कश्मीर को लहूलुहान किया है। आज एनआइए की अदालत में जो फैसला आया है वो बिल्कुल सही है। कश्मीर के युवाओं को गुमराह करने वाले यासीन मलिक ही नहीं अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Edited By: Vikas Abrol