'IIM जम्मू में PM मोदी के जन्मदिन पर नहीं आने पर 500 का जुर्माना', छात्रों को नोटिस जारी होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
आइआइएम जम्मू में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन समारोह में छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति पर विवाद खड़ा हो गया है।

IIM जम्मू में पीएम मोदी के जन्मदिन पर अनिवार्य हाजिरी पर विवाद। फाइल फोटो
HighLights
आइआइएम जम्मू में पीएम मोदी के जन्मदिन समारोह पर विवाद।
छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति, अनुपस्थिति पर 500 रुपये जुर्माना।
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रचार बताते हुए कड़ी निंदा की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम), जम्मू में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन समारोह में छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कांग्रेस सांसद एवं जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रभारी सैयद नसीर हुसैन ने संस्थान द्वारा अनुपस्थित छात्रों को नोटिस जारी किए जाने और जवाब नहीं देने पर 500 रुपये जुर्माना लगाए जाने का आरोप लगाया है।
17 सितंबर को आइआइएम, जम्मू कैंपस में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर समारोह आयोजित किया गया था। हुसैन की ओर से इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए कथित नोटिस के अनुसार, समारोह में अनुपस्थित छात्रों को अपनी गैरहाजिरी का लिखित कारण बताने के लिए कहा गया। नोटिस में समारोह को अनिवार्य बताया गया था और जवाब नहीं देने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई थी।
कथित तौर पर नोटिस में यह भी कहा गया कि अनुपस्थिति से छूट केवल चिकित्सा आधार पर ही स्वीकार की जाएगी और इसके लिए आधिकारिक लिखित प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिसमें संबंधित अवधि के लिए बेड रेस्ट की सिफारिश हो।
आईआईएम जम्मू की तरफ से अधिकारिक ब्यान जारी नहीं
इस मामले पर नासिर ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के समारोह में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य क्यों होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह किसी आइआइएम की अकादमिक जिम्मेदारी का हिस्सा है या प्रधानमंत्री की प्रचार गतिविधियों को परिसर में अनिवार्य अभ्यास के रूप में लाया जा रहा है।
हुसैन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य स्वतंत्र सोच विकसित करना होना चाहिए, न कि छात्रों को किसी राजनीतिक नेता के समारोह में शामिल होने के लिए बाध्य करना या अनुपस्थिति पर जुर्माने की चेतावनी देना। उन्होंने भाजपा के प्रचार कार्यक्रमों को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से बाहर रखने की मांग भी की। वहीं आइआइएम, जम्मू की तरफ से अधिकारिक ब्यान जारी नहीं किया गया है।
