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जम्मू में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत, कांग्रेस ने देशभर में किया 45 दिवसीय आंदोलन का आगाज

By Rohit Jandiyal Edited By: Rahul Sharma
Published: Fri, 09 Jan 2026 01:02 PM (IST)

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने जम्मू में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान का आगाज किया। यह देशव्यापी 45 दिवसीय आंदोलन का ...और पढ़ें

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इन अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर कर रही है या खत्म कर रही है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इन अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर कर रही है या खत्म कर रही है।

HighLights

  1. कांग्रेस ने जम्मू में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान का आगाज किया।

  2. मोदी सरकार पर मनरेगा सहित संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप।

  3. अभियान को राज्य का दर्जा बहाली आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशभर में 45 दिवसीय आंदोलन के तहत सोमवार को जम्मू में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की गई। इस अभियान का नेतृत्व एसआइसीसी के महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी सांसद डा. सैयद नसीर हुसैन तथा जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने किया।

जम्मू के पलौडा स्थित कश्मीर हिल्स रिसार्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, वर्तमान व पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों, हाल ही में नियुक्त जिला अध्यक्षों, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों, ब्लाक अध्यक्षों और अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

अपने संबोधन में डा. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि यूपीए सरकार पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में, संविधान की भावना के अनुरूप आम जनता को कानूनी अधिकार और गारंटी देने के लिए कई ऐतिहासिक कानून लाई थी। इनमें मनरेगा (काम का अधिकार), सूचना का अधिकार (आरटीआइ), शिक्षा का अधिकार, खाद्य सुरक्षा अधिनियम, वन अधिकार कानून आदि शामिल हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इन अधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर कर रही है या खत्म कर रही है।

संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश

डा. नसीर ने कहा कि मनरेगा, जो हर साल 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है, दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना रही है। इसने गरीबों और भूमिहीनों को रोजगार दिया तथा मजबूरी में होने वाले पलायन को  रोका। उन्होंने कहा कि भाजपा भले ही संविधान बदलने का 400 पार का लक्ष्य हासिल न कर सकी हो, लेकिन वह संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि मनरेगा बचाओ संग्राम को गांव-गांव, घर-घर तक ले जाएं और लोगों को उनके रोजगार के अधिकार से वंचित करने की साजिश के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एआइसीसी प्रक्रिया के तहत नियुक्त नए जिला अध्यक्षों की इसमें अहम भूमिका होगी।

जेकेपीसीसी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने अपने संबोधन में मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर बनी ऐतिहासिक ग्रामीण रोजगार योजना की आत्मा और स्वरूप को बदलकर गरीबों से उनका रोजगार का अधिकार छीना जा रहा है।

हमारी रियासत हमारा हक से जाेड़ा जाएगा यह अभियान

उन्होंने कहा कि इस योजना से देशभर के करोड़ों ग्रामीण गरीबों को काम की कानूनी गारंटी मिली थी। उन्होंने मनरेगा पर आयोजित दिवसीय कार्यशाला में प्रो. संदीप सिंह और प्रो. इक़बाल शाल द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण की सराहना की और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि योजना से जुड़ी जानकारियों वाले पर्चों को व्यापक रूप से वितरित कर जनता को जागरूक करें।

कर्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जम्मू-कश्मीर में पहले से ही हमारी रियासत हमारा हक के बैनर तले राज्य का दर्जा वापिस लेने का आंदोलन चला रही है, जिसे मनरेगा बचाओ अभियान के साथ जोड़ा जाएगा।

एआइसीसी की सचिव एवं जम्मू-कश्मीर सह-प्रभारी दिव्या मदेरना ने मनरेगा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना यूपीए नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी और डा. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम थी, जिससे गरीबों को रोजगार का कानूनी अधिकार मिला।

मोदी सरकार गरीबों को कुचल नियंत्रण पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है

उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था के जरिए मोदी सरकार गरीबों को कुचलकर नियंत्रण कॉरपोरेट और चंद पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को जागरूक करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के स्वागत भाषण में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने भाजपा पर सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं रहा, इसलिए वह महात्मा गांधी, पंडित नेहरू जैसे महान नेताओं से द्वेष रखती है।

इस मौके पर सीडब्ल्यूसी सदस्य विकार रसूल वानी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद, कई पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक,एमएलसी सहित जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया और अपने विचार रखे।

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