मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जम्मू, राज्य ब्यूरो। कश्मीर में ठंडी पड़ी सियासत अचानक तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में फिर से सरकार के गठन की चर्चाएं हैं। भाजपा के साथ साढ़े तीन साल सरकार चलाने वाली पीडीपी के कांग्रेस से गठजोड़ की अटकलें तेज हो गई हैं।

कांग्रेस और पीडीपी सरकार बनाने को लेकर मना कर रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर कुछ तो चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और पार्टी की जम्मू कश्मीर की प्रभारी अबिका सोनी भी मंगलवार को श्रीनगर में पहुंच रही हैं। पार्टी ने अपने सभी विधायकों, एमएलसी, पूर्व विधायकों, पूर्व एमएलसी और पदाधिकारियों को बुलाया है। सभी सोमवार को श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। लंबे अरसे के बाद कांग्रेस की श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक हो रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार गिरने के बाद पैदा हुए राजनीतिक हालात, सुरक्षा हालात, संसदीय चुनाव, पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इसमें पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर सभी नेताओं की राय ली जाएगी। आजाद और सोनी इस मुद्दे पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं से सलाह ले सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि पीडीपी के कुछ विधायक कांग्रेस के संपर्क में भी है। पीडीपी न तो इन्कार और न ही इकरार कर रही है। पीडीपी की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन के बारे में जारी अटकलों को खारिज किया।दोनों दलों का साल 2002 से 2008 तक गठबंधन रहा है। उस समय कांग्रेस के पास पीडीपी से अधिक सीटें थी। कांग्रेस ने पहले पीडीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था।

इस बार पीडीपी बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका दे सकती है। अब भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद राज्यपाल शासन के बीच कांग्रेस की गतिविधियां तेज होने पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार बनाने में कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं है। उसका कुछ खास दांव पर नहीं लगा है। विधानसभा अभी निलंबित है। सवा तीन वर्ष के बाद पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार गिरी है। संसदीय चुनाव से पहले सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा सकता है क्योंकि इसमें कांग्रेस को फायदा ही होगा। अनंतनाग संसदीय सीट के लिए उपचुनाव अभी तक नहीं हुए है और यह लगातार टलते रहे है। इस सीट के लिए पार्टी के प्रदेश प्रधान जीए मीर प्रत्याशी हैं। कांग्रेस जम्मू कश्मीर पर बनाए गए अपने स्टडी ग्रुप को फिर से सक्रिय करने जा रही है। इसके अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन ¨सह है।

इस ग्रुप ने जम्मू व श्रीनगर का पिछले वर्ष दौरा कर हालात का जायजा लिया था। समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। अब कांग्रेस हाईकमान क्या फैसला करती है यह गुलाम नबी आजाद और अंबिका सोनी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

महबूबा ने अटकलें खारिज कीं

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन के बारे में जारी अटकलों को बेबुनियाद बताया है। महबूबा ने टवीट कर कहा कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर लगाए जा रहे अनुमानों और अटकलों पर मैं हैरान हूं। ऐसा कुछ नहीं है। मेरे और सोनिया गांधी के बीच बैठक का भी दावा किया जा रहा है, जो बेबुनियाद है। यह दुर्भाग्यपूण उदाहरण है।

Posted By: Preeti jha

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