जागरण संवाददाता, जम्मू : रक्षाबंधन को लेकर बना असमंजस वीरवार को भी जारी रहा। कुछ बहनों ने वीरवार रात के मुहूर्त का लाभ उठाते हुए भाइयों को रक्षा सूत्र बांधा तो अधिकतर शुक्रवार की सुबह के मुहूर्त अनुसार बांधेगी राखी। वहीं दिन भर की वर्षा के चलते दिन में रक्षा बंधन की धूम भी नहीं दिखी लेकिन शाम को वर्षा थमते ही बाजारों में खूब खरीददारी हुई। जिन बहनों ने रात को राखी बांधने का निर्णय लिया उन्होंने भी खरीदारी की तो जिन्होंने सुबह जल्दी रक्षा सूत्र बांधने का मन बना रखा है उन्होंने भी भाइयों के पसंद की मिठाइयों, फलों, उपहारों की खरीदारी की।

रक्षा बंधन पर पतंगबाजी करने वालों को दिन भर की वर्षा ने निराश किया लेकिन पतंगबाजी की पूरी तैयार करके बैठे युवाओं ने अब शुक्रवार को ही रक्षा बंधन मनाने और पतंगबाजी करने का निर्णय लिया है।बच्चों का पतंगबाजी को लेकर उत्साह देखते ही बनता था। उन्हें जब भी मौका मिला उन्होंने कुछ देर के लिए ही सही पतंगबाजी का शौक पूरा करने की कोशिश की, लेकिन पतंगबाजी का पूरा लुत्फ नहीं उठा सके।

रक्षा बंधन के मुहूर्त को लेकर बने असमंजस के बीच बहनों ने भाईयों से संपर्क बनाए रखा और दोनों की सुविधा को देखते हुए रक्षा बंधन मनाने का निर्णय लिया। शुक्रवार को रक्षा बंधन की धूम रहने की संभावना है। अधिकतर स्कूलों ने वीरवार को रक्षा बंधन की छुट्टी घोषित की थी तो कुछ ने शुक्रवार को छुट्टी घोषित की हुई है। वहीं, कुछ स्कूलों ने असमंजस को देखते हुए दो दिनों की छुट्टी घोषित की हुई है। जिन स्कूलों ने वीरवार को छुट्टी नहीं भी रखी थी वहां भी विद्यार्थियों की उपस्थिति नाममात्र ही रही। बच्चे शुक्रवार को भी छुट्टी के मूड में ही दिख रहे हैं।

बाल आश्रम और वृद्धाश्रम में धूमधाम से मनाया गया पर्व बाल आश्रम अंबफला और वृद्धाश्रम में रखाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और एक दूसरे की लंबी आयु और खुशहाली की प्रार्थना कर मिठाइयां बांटी। वीरवार रात को भाद्र काल समाप्त होते ही रात 8.52 मिनट से लोगों ने राखी बंधवानी शुरू कर दी और रात 9.48 तक मुहूर्त अनुसार रक्षा सूत्र बंधवाए। शुक्रवार को पूर्णिमा 2 घटी 58 पल ही है लेकिन बहुत से विद्वानों अनुसार सुबह राखी बंधवा सकते हैं।