श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले कैसे इस्लाम मानने वाले हो सकते हैं? ऐसा करने वाले कश्मीर और इस्लाम के दुश्मन हैं। हमारे राष्ट्र के दुश्मन हैं। ऐसे तत्वों से हमें निपटना आता है। दो दिन पहले शोपियां में राजस्थान के ट्रक चालक की हत्या कर दी गई। किसान की फसल जलाई गया, ट्रक को आग लगा। यह बात चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने कही।

कोर कमांडर ने कहा कि एक किसान के लिए उसकी फसल की अहमियत वही है जो मां-बाप के लिए बच्चों की। जिस तरह मां-बाप बच्चों को पालते हैं, बड़ा करते हैं, उसी तरह किसान खेत और फसल को पालता है। अगर मां-बाप के सामने उसके जवां बच्चे को कत्ल किया जाए तो उसे कैसा लगेगा? ठीक वैसी ही तकलीफ एक किसान को उस समय होती है, जब उसकी पकी फसल तबाह की जाए, जलाया जाए। यह बच्चे के कत्ल के बराबर है। उन्होंने कहा कि हम किसानों को हर मदद करेंगे। उन्हें फसल बेचने और मंडियों तक पहुंचाने को पूरी सुरक्षा देंगे। सिर्फ किसानों को नहीं आम नागरिक को एक सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल देने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

खुद बनाएं बेहतर समाज

चिनार कोर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में समर्थता निर्माण यात्र कर लौटे छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि यात्र के दौरान जो सीखा, उससे अपने स्थानीय समाज को बेहतर बनाने में बखूबी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह छात्र 10 अक्टूबर को कश्मीर से रवाना हुए। दिल्ली में इन छात्रों ने एमआइटी यूनिवर्सिटी, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, लाल किला, नेशनल वार मेमोरियल, जामा मस्जिद, पीवीआर चाणक्यापुरी का दौरा किय है।

छात्रों ने राष्ट्रपति भवन में चेंज ऑफ गार्ड समारोह भी देखा और जीओसी दिल्ली क्षेत्र से भी मिले। छात्रों ने ताज महल और आगरा किला का भी भी भ्रमण किया। इसके अलावा आगरा में 50 इंडिपिडेंट पैराछूट ब्रिगेड एयरबोर्न गैलरी में भी गए। 

Posted By: Rahul Sharma

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