श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। दक्षिण कश्मीर के अच्छाबल, अनंतनाग में पिछले वर्ष थाना प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मियों की घात लगाकर हत्या में लिप्त आठ आतंकियों के खिलाफ अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। आठ में से दो अभियुक्त न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि दो मारे जा चुके हैं। चार अन्य फरार हैं।

इस मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च 2018 को होगी।गौरतलब है कि 16 जून 2017 की शाम अच्छाबल थाना प्रभारी फिरोज अहमद के वाहन पर थाजीवारा में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस हमले में दो नागरिक भी जख्मी हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी।

पुलिस दल पर हमले में लिप्त आतंकियों को पकड़ने और पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (सिट) का गठन किया था। सिट के मुखिया एसपी ताहिर अशरफ ने सेशन कोर्ट अनंतनाग में पांच फरवरी 2018 को आठ में से चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया था। जांच करने पर पता चला कि आतंकी बशीर लश्करी के गुट में शामिल लश्कर के आतंकियों ने ही हमला किया था। लश्करी ही इस हमले का मुख्य सूत्रधार था।

अदालत में पेश की गई रिपोर्ट और आरोपपत्र में पुलिस ने बताया कि हमले में संदीप कुमार शर्मा पुत्र राम कुमार निवासी मुजफ्फर नगर, उत्तर प्रदेश, मोहम्मद अशरफ वानी उर्फ मौलवी पुत्र गुलाम नबी निवासी बरींटी दयालगाम, खुर्शीद अहमद गनई पुत्र बशीर अहमद निवासी बरींटी दयालगाम, मेहराजुद्दीन बांगरु उर्फ आसिफ पुत्र सन्नाउल्लाह निवासी नारपरिस्तान श्रीनगर, साहिर अहमद मकरु पुत्र मोहम्मद अकरम निवासी अरवनि बीजबिहाड़ा, जीनत-उल-इस्लाम उर्फ जिशान उर्फ अलकामा निवासी सुगन शोपियां, बशीर अहमद वानी उर्फ बशीर लश्करी पुत्र गुलाम अहमद निवासी सोफशाली कोकरनाग और पाकिस्तानी आतंकी अबु माज शामिल थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अभियुक्त संदीप कुमार और मोहम्मद अशरफ वानी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। जबकि बशीर लश्करी और अबु माज मारे जा चुके हैं।

अन्य चार आतंकी फरार हैं। अदालत में दायर आरोप पत्र में पुलिस ने बताया कि पहली जुलाई 2017 को मुठभेड़ स्थल से पकड़े गए संदीप कुमार जो इस मामले में अभियुक्त भी है, से पूछताछ के आधार पर अच्छा बल हमले की गुत्थी सुलझी है। पहली जुलाई 2017 को बरींटी में हुई मुठभेड़ में बशीर लश्करी और अबु माज मारे गए थे। पुलिस ने अदालत को बताया है कि चार आतंकी खुर्शीद अहमद गनई, मेहराजुद्दीन बांगरु, साहिर अहमद मकरु और जीनत-उल-इस्लाम फरार हैं। उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान संदीप कुमार ने बताया कि ये आतंकी एटीएम चुराने की वारदातों में भी शामिल रहे हैं। उनका मकसद सिर्फ पैसा कमाना था। वह फरार आतंकी खुर्शीद अहमद के जरिये ही आतंकी संगठन के साथ जुड़कर उसके लिए काम करने लगा था। 

Posted By: Preeti jha

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