जम्मू, विकास अबरोल। जम्मू कश्मीर से 370 हटते ही खेल और खिलाड़ियों के लिए केंद्र ने सौगातें देना शुरू कर दिया है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तरीय खेलों का बुनियादी ढांचा मुहैया करवाने की मुहिम के तहत जल्द ही मिनी स्टेडियम परेड ग्राउंड सहित पुंछ और राजौरी मेंअगले माह से फुटबॉल की सिंथेटिक टर्फ बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं, जम्मू संभाग में वॉलीबॉल के खिलाड़ियों की प्रतिभा को देखते हुए संभाग के प्रत्येक जिलों में वॉलीबॉल के 27 सिंथेटिक कोर्ट बिछाए जाएंगे।

पुराने शहर के बीचोबीच स्थित मिनी स्टेडियम परेड ग्राउंड फुटबॉल के लिए विशेष पहचान रखता है। यही वजह है कि 1980 से ही इस मैदान में फुटबॉल के रोमांचक मुकाबले देखने के लिए हजारों की तादाद में खेल प्रेमियों की भीड़ जुटती रही है। वक्त बदलने के साथ जीजीएम साइंस कॉलेज में भी फुटबॉल के मुकाबले करवाए जाने लगे, लेकिन इस मैदान में पुराने शहर के फुटबॉल प्रेमियों की मुकाबले भीड़ कम हो गई। हालांकि जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से वर्ष 2008 में संतोष ट्रॉफी की मेजबानी मिलने के बाद जम्मू और कश्मीर के लिए दो सिंथेटिक टर्फ बिछाने के सब्जबाग पूर्व खेलमंत्री आरएस चिब ने दिखाए थे।

कश्मीर में तो कुछ वर्षों के बाद सिंथेटिक टर्फ बिछ तो गई, लेकिन जम्मू की टर्फ का आज तक कुछ भी आत-पता नहीं चला। पुराने शहर के फुटबॉल प्रेमी और वयोवृद्ध फुटबॉल खिलाडिय़ों की लगातार मांग रही कि परेड ग्राउंड में सिंथेटिक टर्फ बिछाई जाए, लेकिन आज तक किसी भी तत्कालीन सरकारों ने इनको पूरा नहीं किया।

कहां बनेंगे वॉलीबॉल के सिंथेटिक कोर्ट

  • खेल गांव नगरोटा, जम्मू जिला
  • सैनिक स्कूल नगरोटा, जम्मू जिला
  • जम्मू यूनिवर्सिटी, जम्मू जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल मुबारक मंडी, जम्मू जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल गजनसू, जम्मू जिला
  • हाई स्कूल बनी, कठुआ जिला
  • हाई स्कूल गुड़ा मुंडियां, कठुआ जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल सल्लन, कठुआ जिला
  • गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जवाहर नगर, राजौरी जिला
  • सोकर पीरी, राजौरी जिला
  • गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल घाट, डोडा जिला
  • हाई स्कूल बटेरा, डोडा जिला
  • ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल भद्रवाह, डोडा जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल बीरीरु, डोडा जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल डच्चन, किश्तवाड़ जिला
  • गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल किश्तवाड़
  • हायर सेकेंडरी स्कूल पटनाजी, किश्तवाड़ जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल रियासी
  • गवर्नमेंट हाई स्कूल अगार जित्तो, रियासी जिला
  • हाई स्कूल तुल्ली, रियासी जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल दर्गलून, पुंछ जिला
  • हाई स्कूल कनेतर, पुंछ जिला
  • हाई स्कूल चिढय़ाई, ऊधमपुर जिला
  • हायर सेकेंडरी स्कूल बरमीन, ऊधमपुर जिला
  • ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल सांबा
  • हायर सेकेंडरी स्कूल सुंब, सांबा जिला
  • हाई स्कूल जतवाल, सांबा जिला

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल मैदान तैयार किए जा रहे

अब राज्यपाल प्रशासन के दौरान और अनुच्छेद 370 हटते ही केंद्र सरकार की ओर से खेलो इंडिया, जम्मू-कश्मीर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंशियल कॉरपोरेशन सहित अन्य योजनाओं के तहत राज्य भर में विभिन्न खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तरीय खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत अब जल्द ही पुराने शहर के फुटबॉल खेल प्रेमियों की मांग पूरी होने जा रही है। मिनी स्टेडियम परेड ग्राउंड सहित पुंछ और गवर्नमेंट ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल राजौरी में अगले महीने से फुटबॉल की सिंथेटिक टर्फ बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। परेड ग्राउंड में सिंथेटिक टर्फ बिछाने के बाद रात के समय में भी फुटबॉल मुकाबले का आयोजन किया जा सकेगा। मैदान में खिलाडिय़ों की सुविधा के लिए रात के समय अभ्यास के लिए फल्ड लाइट तो लगा दी गई हैं लेकिन इन लाइट को अपग्रेड करने के बाद ही रात के समय मुकाबले संभव हो सकेंगे। इसी तरह जम्मू संभाग के 10 जिलों में 27 वालीबॉल के सिंथेटिक कोर्ट तैयार किए जाएंगे। जम्मू जिला में पांच, कठुआ जिला में तीन, राजौरी जिला में दो, डोडा जिला में चार, किश्तवाड़ जिला में तीन, रियासी जिला में तीन, पुंछ जिला में दो, ऊधमपुर जिले में दो और सांबा जिले में तीन कोर्ट बिछाए जाएंगे।

वालीबाल सिंथेटिक कोर्ट भी होंगे तैयार, टेंडर की प्रक्रिया शुरू

जम्मू संभाग के 10 जिलों में 27 वालीबॉल के सिंथेटिक कोर्ट भी तैयार किए जाएंगे। इसके लिए भी टेंडर की सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रत्येक सिंथेटिक कोर्ट के निर्माण में साढ़े ग्यारह लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसे तीन महीनों के भीतर तैयार कर लिया जाएगा।

पांच करोड़ की लागत से तैयार होगी एक टर्फ : चौधरी

जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव डॉ. नसीम जावेद चौधरी ने बताया कि स्पोट्र्स काउंसिल की ओर से फुटबॉल की सिंथेटिक टर्फ बिछाने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। प्रत्येक टर्फ करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। जो कंपनी टेंडर हासिल करने में कामयाब होगी, उसे छह महीनों के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा करना होगा। इसके अलावा उस कंपनी पर तीन वर्षों के लिए सिंथेटिक टर्फ के रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी।

Posted By: Rahul Sharma

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