केसरिया पगड़ी में युवा, हाथों में तलवारें... जम्मू से कटड़ा तक महाराजा हरि सिंह की जयंती का जश्न, देखें PHOTOS
जम्मू-कश्मीर में महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई, जिसमें जम्मू, कटरा और सांबा में भव्य रैलियां ...और पढ़ें

महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती पर जम्मू में उमड़ा जनसैलाब।(फोटो- प्रदीप बख्शी/जागरण)
HighLights
महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई।
जम्मू, कटरा, सांबा में भव्य रैलियां निकाली गईं।
131 किलो का लड्डू काटा गया, सामाजिक सुधार याद किए गए।
डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। जम्मू शहर से लेकर कटरा, सांबा तक भव्य रैलियां निकाली गईं। इसके अलावा तवी पुल पार्क में 131 किलो का लड्डू भी काटा गया।
बता दें कि महाराजा हरि सिंह का जन्म 23 सितंबर 1895 को हुआ था। वे जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम शासक थे। उनके शासनकाल में शिक्षा एवं सामाजिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान तथा प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए कार्य किया। तस्वीरों में देखिए जश्न...

जम्मू में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर विशाल रैली निकाली गई। यह तस्वीर तवी पुल की है, जहां युवा राजपूत सभा की विशाल रैली महाराजा हरि सिंह जी के स्टैचू के पास पहुंची। (फोटो- प्रदीप बख्शी/जागरण)

रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। (फोटो- प्रदीप बख्शी/जागरण)

महारैली में युवा राजपूत सभा के कार्यकर्ता पारंपरिक वेशभूषा और केसरिया पगड़ी पहने नजर आए (फोटो- प्रदीप बख्शी/जागरण)

रैली शहर के कई हिस्सों से होते हुए तवी ब्रिज के पास महाराजा हरि सिंह की मूर्ति पर खत्म होगी।

महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य पर 131 किलो का लड्डू काटते महाराजा हरी सिंह सेना के सदस्य।

इस अवसर पर कटड़ा के सूल से पैंथल तक भव्य रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य महाराजा हरि सिंह के जीवन, उनके सामाजिक सुधारों तथा जम्मू-कश्मीर के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना था।

22 सितंबर मंगलवार की शाम को युवा राजपूत सभा द्वारा तवी ब्रिज पर महाराजा की मूर्ति के पास और प्रेम नगर पार्क में समारोह आयोजित किया गया।

23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में सरकारी अवकाश रहता है। वर्ष 2022 में इस दिन को आधिकारिक अवकाश कैलेंडर में शामिल किया गया था।
