राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस सब इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले की जांच की आंच अब प्रदेश के एक पूर्व मुख्य सचिव व जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों तक पहुंच गई है। सीबीआइ इसी माह दायर करने जा रहे पूरक आरोपत्र में इन्हें आरोपित बना सकती है। सीबीआइ के मुताबिक, इन लोगों ने भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों की परीक्षा के आयोजन के लिए बेंगलुरु स्थित एक कंपनी के चयन में अहम भूमिका निभाई है। पकड़े गए विभिन्न आरोपितों से पूछताछ के दौरान सीबीआइ को जम्मू-कश्मीर के सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी जो मुख्य सचिव भी रह चुके हैं, के अलावा जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों के बारे में पता चला।

इन्होंने नियमों की अवहेलना करते बेंगलुरु स्थित एजेंसी को परीक्षा के आयोजन के लिए चुना। यह एजेंसी नियमों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया के आयोजन के लिए नहीं चुनी जा सकती थी। इसके अलावा दक्षिण भारत में कई राज्यों में इस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया है। सीबीआइ ने उक्त पूर्व मुख्य सचिव से बीते माह पूछताछ भी की है। जम्मू-कश्मीर सेवा भर्ती बोर्ड में अहम पद पर रह चुके जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर अपनी पूछताछ में बताया के बेंगलुरु स्थित एजेंसी को पूर्व मुख्य सचिव के दबाव में ही चुनाव गया है।

सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ यह पता लगाने का प्रयास कर रही कि आखिर किस आधार पर बेंगलुरु की कंपनी को कुछ वर्षों से लगातार सेवा विस्तार दिया जा रहा था। सीबीआइ इसी माह पूरे मामले में पूरक आरोप पत्र दायर करने वाली है। इसमें पूर्व मुख्य सचिव और तीन जेकेएएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।

क्या था मामला

जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर की 1200 रिक्तियों के लिए करीब 97 हजार इच्छुक अभ्यथियों ने 27 मार्च 2022 को लिखित परीक्षा में भाग लिया था। परीक्षा परिणाम चार जून 2022 को घोषित हुआ। उसी दिन चयन सूची को लेकर आरोपों का दौर शुरू हो गया। चयन सूची में करीब एक दर्जन ऐसे लोग थे जो आपस में रिश्तेदार एक क्षेत्र विशेष और एक ही कोचिंग संस्थान के भी एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार सफल घोषित हुए थे। चयन परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग आरके गोयल की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। समिति ने धांधली के आरोपों को सही पाया और उसके बाद उपराज्यपाल ने जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंप दिया।

सीबीआइ ने तीन अगस्त 2022 को एफआइआर दर्ज की और जांच शुरू की। इस दौरान रिवाड़ी हरियाणा के जतिन यादव का नाम सामने आया और उसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ती गई। सब इंस्पेक्टर की चयन परीक्षा का प्रश्नपत्र शुरू में 30 लाख में बिका था। सीबीआइ ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, बेंगलुरु समेत देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 77 जगहों पर तलाशी लेने के अलावा 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। 61.79 लाख की नकदी भी बरामद की है। सीबीआइ ने 12 नवंबर 2022 को ही अदालत में 24 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इनमें सीमा सुरक्षाबल का एक पूर्व कमांडेंट, पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर और सीआरपीएफ के कुछ कर्मी भी शामिल हैं।

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Edited By: Shashank Mishra

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