जम्मू, जेएनएन। पुलिस ने हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को पनाह देने के मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री गुलाम मोहम्मद सरूरी के भाई पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि किश्तवाड़ में हाल ही में हुई आतंकवादी गतिविधियों में मंत्री का भाई भी शामिल था। फिलहाल पुलिस ने अभी उन्हें हिरासत में नहीं लिया है।

इंद्रवाल से तीन बार कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके गुलाम मोहम्मद सरूरी के भाई मोहम्मद शफी सरूरी पुत्र सैदुल्लाह सरूरी सहित कुल छह लोगों जिनमें कुछ व्यापारी भी शामिल हैं को शामिल पाया गया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने परिहार बंधुओं व आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की हत्या में शामिल आतंकवादियों को पनाह दी थी। यही नहीं उन्हें कस्बे से सुरक्षित बाहर निकलने में भी मदद की। पुलिस ने फिलहाल इनके खिलाफ मामला ही दर्ज किया है, इनमें से किसी को हिरासत में नहीं लिया है। 

जानकारी हो कि दस माह के दौरान किश्तवाड़ में जिस तेजी के साथ आतंकवाद बढ़ा है, उसने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। कश्मीर में अपना वर्चस्त कम होते देख आतंकवादी संगठन एक बार फिर चिनाब वैली का रूख कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि कुछ स्थानीय लोग इसमें उनका साथ भी दे रहे हैं।

गत वर्ष एक नवंबर को आतंकवादियों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव 52 वर्षीय अनिल परिहार और उनके भाई 55 वर्षीय अजीत परिहार की हत्या कर दी थी। उसके बाद आरएसएस के ही नेता चंद्रकांत शर्मा व उनके पीएसओ को कस्बे के मुख्य सरकारी अस्पताल में गोलियों से भून दिया था। हैरत की बात यह थी कि दोनों ही वारदातों के बाद आतंकवादी वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। पुलिस को शक था कि कस्बे में मौजूद राष्ट्र विरोधी तत्व आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं।

कुछ दिन पहले आतंकवादियों ने पीडीडी नेता के परिजनों को बंधी बनाया और जाते समय उनके पीएसओ के राइफल भी ले गए। इन हमलों के बाद हरकत में आई किश्तवाड़ पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है। कल पुलिस ने तीन और लोगों को हिरासत में लिया है। कुल मिलाकर हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 12 के करीब हो गई है। आईजी पुलिस मुकेश सिंह ने कहा कि किश्तवाड़ में नेटवर्क फैला रहे आतंकवादी संगठन को जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा।

Posted By: Preeti jha

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