जम्मू, राज्य ब्यूरो। कुछ वर्ष पहले तक दर्द से कराह रहे कैंसर रोगियों को अब राहत मिलती नजर आ रही है। अब न सिर्फ जम्मू में रीजनल कैंसर इंस्टीटयूट को मंजूरी मिल गई है बल्कि नए मेडिकल कालेज खुलने से कैंसर रोगियों को इलाज में अधिक दिक्कत नहीं होती। यही नहीं अब लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। यही कारण है कि अब सिर्फ जम्मू संभाग में ही कैंसर के हर साल ढाई से तीन हजार नए मामले दर्ज हो रहे हैं। कुछ साल पहले तक जम्मू संभाग में सिर्फ मेडिकल कालेज में ही कैंसर के रोगियों का इलाज होता था। यहां पर भी मात्र दो से तीन कैंसर विशेषज्ञ ही थे। कैंसर के इलाज के लिए एक भी विशेषज्ञ फिजिशयन नहीं था। मगर अब ऐसा नहीं है। जीएमसी जम्मू में ही पांच विशेषज्ञ डाक्टर आनकालेाजी विभाग में हैं। वहीं कठुआ और राजौरी मेडिकल कालेजों में भी कैंसर विशेषज्ञ नियुक्त हो गए हैं। अभी अगले सत्र से डोडा मेडिकल कालेज भी शुरू होने की उम्मीद है और वहां पर भी इस रोग का विशेषज्ञ डाक्टर नियुक्त हो जाएगा।

जीएमसी में हर साल दो हजार से अधिक मामले

मेडिकल कालेज जम्मू में हर साल दो हजार से ढाई हजार के बीच कैंसर के नए मामले दर्ज हो रहे हैं। इसी तरह कठुआ मेडिकल कालेज में सिर्फ सात महीनों में एक हजार मरीज ओपीडी में अपनी जांच करवा चुके हैं। इनमें 250 मरीज नए हैं। इसी तरह राजौरी में भी कई मरीजों के स्वास्थ्य की जांच हो रही है। कश्मीर में शेर-ए-कश्मीर इस्टीट्यूट आफ मेडिकल सांइसेस के अलावा श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल, मेडिकल कालेज बारामुला और अनंतनाग में भी अब कैंसर के मरीजों की जांच हो रही है।

कैंसर इंस्टीट्यूट का काम भी शुरू

जम्मू में पहले कैंसर इंस्टीट्यूट का काम भी शुरू हो गया हे। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू के साथ बनने वाले इस इंस्टीट्यूट के स्थान पर इस समय मिट्टी की जांच चल रही है। 120 करोड़ रुपयों के इस प्रोजेक्ट न्यूक्लेयर मेडिसीन विभाग, रेडिएशन आनकालोजी, मेडिकल आनकालोजी, सर्जिकल आनकालेाजी विभाग सभी होंगे।

निजी कैंसर इंस्टीट्यूट भी खुला

अब कैंसर के मरीजों के लिए राहत की बात यह है कि दो निजी अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा है। श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अलावा अमेरिकल आनकालोजी इंस्टीट्यूट भी खुल गया है। दोनों में ही पैट स्कैन है। पेट स्कैन अर्थात पोजीशन इमीशन ट्रामोग्राफी से कैंसर कोशिकाओं की सही जानकारी मिलती है। यह शरीर में छिपे सूक्ष्मतम कैंसर कोशिकाओं की भी पहचान कर लेता है।। इससे कैंसर का पहली स्टेज में ही पता लगाकर उसका इलाज संभव है।

जागरूकता के लिए कार्यक्रम

कठुआ मेडिकल कालेज में कैंसर विशेषज्ञ डा. दीपक अबरोल का कहना है कि अब लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता आ रही है। जगह-जगह पर कैंप आयोजित करके भी लोगों को कैंसर के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उनका कहना है कि जम्मू में मुंह के कैंसर के मामले भी आए हैं। गले के कैंसर, लीवर कैंसर के भी मामले सामने आए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए पंच-सरंपचों का भी सहयोग लिया जाता है। अब लोगों में जागरूकता आ रही है। जीएमसी जम्मू में कैंसर विशेषज्ञ डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इसके पीछे जागरूकता आना ही मुख्य कारण है।

Posted By: Rahul Sharma

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