जम्मू-कश्मीर में फिर टला मंत्रिमंडल विस्तार, अब विधानसभा सत्र के बाद होगा फैसला
जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार फिलहाल टल गया है, क्योंकि विधानसभा का शरदकालीन सत्र नजदीक है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार फिर से टल गया है। फाइल फोटो
HighLights
मंत्रिमंडल विस्तार विधानसभा सत्र के कारण टाला गया
विधानसभा का सत्र 21 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा
सरकार दो वर्ष पूरे होने पर लेगी अंतिम निर्णय
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नेशनल कान्फ्रेंस (नेकां) के नेतृत्व वाली सरकार फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल करने के मूड में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश विधानसभा के सत्र को देखते हुए मंत्रिमंडल में विस्तार को फिलहाल टालने का संकेत दिया है।
विधानसभा का शरदकालीन सत्र शुरू होने में अब महज 10 दिन का समय रह गया है। विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना अब नेकां के नेतृत्व वाली सरकार के दो वर्ष पूरे होने के आसपास बन सकती है।
सरकार 16 अक्टूबर को अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे करेगी। दरअसल, 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बताया जाता है कि उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस आलाकमान से भी संपर्क कर यह जानने का प्रयास किया था कि पार्टी सरकार में मंत्री पद स्वीकार करेगी या नहीं।
इसके बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर के अपने नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर सरकार की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत छह सदस्य हैं।
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के दसवें हिस्से तक सीमित है। इस लिहाज से सरकार में तीन और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।
विधानसभा सत्र नजदीक होने के कारण फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सरकार पहले विधानसभा सत्र पर ध्यान केंद्रित करेगी और उसके बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
