श्रीनगर, जेएनएन। आतंकियों से लोहा लेने में सक्षम जम्मू-कश्मीर पुलिस का किसी भी मैदान में कोई सानी नहीं है। आतंकवादियों काे मार गिराना हो या फिर खेल का मैदान हो या फिर मानवता सेवा का। जम्मू-कश्मीर पुलिस के हरेक अधिकारी और जवान हर क्षेत्र में अपनी जान की बाजी लगाते हुए अपने कार्य को निष्ठा से अंजाम देने में जुटे रहते हैं।

शनिवार को भी कश्मीर में जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक ऐसा ही मानवता से भरा चेहरा देखने को सामने आया। जब बड़गाम पुलिस के जवान मसीहा बनकर आए और खानाबदोश समुदायों के चार परिवारों के 16 सदस्यों की जिंदगी अपनी जान की बाजी लगाते हुए बचाई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए दी कि आज यानि शनिवार सुबह प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और बर्फबारी से नागबल युसमर्ग के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पुलिस को खानाबदोश परिवारों के फंसे होने की सूचना मिली। इसका पता चलते ही बड़गाम पुलिस ने तुरंत राहत अभियान छेड़ दिया और भारी बर्फबारी और तूफान में फंसे खानाबदोश समुदाय के चार परिवारों के 16 सदस्यों की जिंदगियों को बचा लिया। खानाबदोश समुदाय के सदस्यों ने बड़गाम पुलिस को फरिश्ता करार देते हुए उन्हें दुआएं भी दी।

हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले इसी वर्ष कश्मीर में सर्दियों के मौसम में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के जवानों ने भारी बर्फबारी के दौरान एक दर्जन से अधिक राहत और बचाव अभियानों में भाग लेकर मासूम जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। 

Helping Hand: Budgam Police rescued 04 families comprising of 16 members of nomadic community stuck in heavy winds and snowfall at higher reaches of Nagbal Yousmarg (Salamnak Nagbal top)

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में तड़के दो बजे से मूसलाधार बारिश जारी है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और तेज हवाएं चलने से खानाबदोश परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलवामा के त्राल के नूरपोरा इलाके में लगातार बारिश से एक मिट्टी का मकान ढहने से उसमें रह रहे खानाबदोश समुदाय के चार में से तीन सदस्यों ने दम तोड़ दिया जबकि एक अन्य घायल ही हालत गंभीर बनी हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

Edited By: Vikas Abrol