जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में सरहदों की रक्षा कर रही सीमा सुरक्षा बल ने रविवार को जम्मू के बलिदान स्तंभ में देशभक्ति से ओतप्रोत संगीतमय श्रद्धांजलि दी। देश की आजादी के 75 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सीमा सुरक्षाबलों के बैंड ने कई धुनें बजाकर देशभक्ति के जज्बे को बल दिया। इनमें दुश्मन से युद्ध में हिस्सा लेने वाले सैनिकों का हौंसला बढ़ाने से लेकर देश के शहीदों को सलामी देने के लिए बजाई जाने वाले कई धुनें भी शामिल थी। बीएसएफ के बैंड ने देशभक्ति से ओतप्रोत संगीत कार्यक्रम पेश कर समा बांधा।

इस मौके पर बलिदान स्तंभ में जम्मू के डिविजनल कमिश्नर राघव लंगर के साथ सीमा सुरक्षा बल जम्मू फ्रंटियर के आईजी एनएस जम्वाल के साथ अन्य कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ बलिदान स्तंभ में सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।

सेना ने जम्मू में बलिदान स्तंभ उन शहीदों की याद मे बनाया है जो जम्मू कश्मीर व लद्दाख में चीन, पाकिस्तान से लड़े गए युद्धों में बहाुदरी का परिचय देते हुए देश के लिए कुर्बान हो गए। बलिदान स्तंभ में सेना के उन सभी शहीदों के नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गए हैं लड़ते लड़ते शहीद हो गए। इन शहीदों की याद में बीएसएफ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों, उपराज्यपाल प्रशासन के अधिकारियों के साथ खासी संख्या में आम लोग भी पहुंचे थे।

इस मौके पर विचार व्यक्त करते हुए जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने कहा कि देश सदैव अपने शहीदों का आभारी रहेगा। उन्होंने जम्मू संभाग में पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही सीमा सुरक्षा बल के जवानों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का सामना करने में सीमा सुरक्षा बल हमेशा सबसे आगे रहती है। इसी बीच कार्यक्रम के समापन पर सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी हरिलाल ने सबका आभार जताया।