जेएनएफ, जम्मू : लापता होने के आठ दिन बाद मृत मिले युवक की हत्या के मामले के दो आरोपितों को कोर्ट ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। युवक अशोक मसीह निवासी आनंद विहार, तालाब तिल्लो पहली नवंबर, 2011 को लापता हुआ था और आठ नवंबर को उसका शव सुरक्षा विहार पलौड़ा में झाड़ियों से मिला था।

युवक के शव पर चोटों के निशान थे, जिस पर उसकी हत्या की आशंका जताते हुए जानीपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हत्या के इस मामले में दो आरोपितों अजय सोत्रा निवासी तालाब तिल्लो और अर्पण मसीह निवासी गुरदासपुर, पंजाब को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मौके पर सुबूतों व कुछ गवाहों के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया था, लेकिन कोर्ट में पुलिस दोनों पर आरोप साबित नहीं कर सकी। मामले पर फैसला सुनाते हुए सेशन जज ताहिर खुर्शीद रैना ने कहा कि जब चार्ज शीट सबूतों के आधार पर पेश की गई हो, तो उन सबूतों को साबित किया जाना चाहिए। जांच टीम सबूतों से दूर थी। इस घटना के पेश आने के डेढ़ वर्ष बाद मामला दर्ज किया गया। मामला देरी से दर्ज करने को भी पुलिस बता नहीं सकी। जब मृतक के शरीर पर चोटों के निशान थे, तो उसी समय हत्या का मामला दर्ज कर लिया जाना चाहिए था। पुलिस ने दर्ज मामले में लिखा था कि मृत युवक ने हत्या से पहले आरोपित अजय की पत्नी को आपत्तिजनक पत्र लिखा था, जो उनमें विवाद और बाद में हत्या का कारण बना, लेकिन इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने न तो कोई सुबूत पेश किया और न ही कोई गवाह।

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