राज्य ब्यूरो, जम्मू : जम्मू कश्मीर में तेज विकास, पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के साथ पीडीपी से गठजोड़ करने वाली भाजपा हाईकमान, महबूबा सरकार के कश्मीर केंद्रित रवैये से नाराज है। ऐसे हालात में कड़े तेवर दिखाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता व मंत्रियों को अचानक दिल्ली तलब कर लिया है।

राज्य में पार्टी ने संसदीय चुनाव की तैयारियों को तेजी देने की मुहिम चलाई है, ऐसे में पीडीपी ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव न लाया तो भाजपा के लिए जम्मू संभाग में लोगों के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भाजपा के लिए कोई बड़ा फैसला करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। भाजपा अपने राजनीतिक भविष्य की बेहतरी के लिए कोई ठोस कदम उठा सकती है।

सरकार के एकतरफा फैसलों का भाजपा के आधार क्षेत्र जम्मू में विपरीत प्रभाव हो रहा है। इन हालात में अमित शाह मंगलवार को दिल्ली में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों के साथ बैठक में राजनीतिक हालात, सरकार के कामकाज संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमवार शाम को दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता व भाजपा के अन्य कई वरिष्ठ नेता भी दिल्ली गए हैं। अमित शाह की बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा क्योंकि उन्होंने जम्मू दौरे से ठीक चार दिन पहले नेताओं, मंत्रियों को दिल्ली तलब कर संकेत दिया है कि मामला गंभीर है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, पीडीपी ने पहले पत्थरबाजों की रिहाई, कठुआ मामले, राजौरी में अतिरिक्त जिलाधीश बनाने, सरकारी भूमि से गुज्जर, बक्करवालों को न हटाने जैसे फैसले कर भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा की थी। अब रमजान में संघर्ष विराम व धार्मिक संगठन अहले हदीस को सरकारी भूमि देने के मामले में भी पीडीपी ने मनमर्जी की है। भाजपा इतना सब होने के बाद भी सरकार को श्री बाबा अमरनाथ भूमि आंदोलन में हिस्सा लेने वाले युवाओं के खिलाफ मामले वापस लेने के लिए राजी नहीं कर पाई है। इससे भाजपा आधार क्षेत्र जम्मू में घिर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के इस्तेमाल के मामले में सरकार नाकाम रही है व संसदीय चुनाव में इस मुद्दे का तूल पकड़ना तय है।

प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि मौजूदा सरकार हाईकमान की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई है। जो लक्ष्य लेकर राष्ट्रीय पार्टी ने सरकार बनाई है, उन्हें हासिल करना अभी संभव नहीं हुआ है। इससे पार्टी की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है व इसे बड़ी गंभीरता से लिया जा रहा है।

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Posted By: Jagran

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