जम्मू: बिश्नाह में गन्ने की फसल उजाड़ने पर भड़का आक्रोश, 6 घंटे नंदपुर-अरनिया मार्ग बंद; जानें पूरा मामला
बिश्नाह के आरएसपुरा गांव में शरारती तत्वों द्वारा किसान की गन्ने की फसल बर्बाद करने के विरोध में ग्रामीणों ने ...और पढ़ें

बिश्नाह में खेत में खड़ी गन्ने की फसल को पहुंचाया नुकसान। (फाइल फोटो)
HighLights
बिश्नाह के आरएसपुरा में किसान की गन्ने की फसल बर्बाद।
ग्रामीणों ने नंदपुर-अरनिया मार्ग छह घंटे तक जाम रखा।
आरोपितों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर धरना समाप्त।
जागरण संवाददाता, बिश्नाह। बिश्नाह के आरएसपुरा गांव में किसान की महीनों की मेहनत उस समय बर्बाद हो गई, जब शरारती तत्वों ने कथित तौर पर करीब तीन कनाल में खड़ी गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने नंदपुर-अरनिया मार्ग पर मोर्चा खोल दिया और करीब छह घंटे तक सड़क बंद रखकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीण सुबह आठ बजे मुख्य मार्ग पर आ गए और मार्ग बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा देने का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन में पूर्व सरपंच ज्योति सिंह, पीड़ित किसान विजय कुमार समेत सैकड़ों ग्रामीण घंटों सड़क पर बैठे रहे। मार्ग बंद होने से यातायात भी प्रभावित रहा।
आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिश्नाह विधायक डॉक्टर राजीव कुमार भगत, तहसीलदार अंकुश त्रिपाठी और थाना प्रभारी दीपक ठाकुर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को ग्रामीणों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष किसान को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग रखी।
परिवार की आमदनी पर संकट
पीड़ित किसान विजय कुमार ने कहा कि तीन कनाल गन्ने की फसल उसके परिवार की उम्मीद थी। इसी फसल के सीजन में गन्ने का रस बेचकर परिवार का खर्च चलता था। फसल बर्बाद होने से सिर्फ खेत ही उजड़ा नहीं, बल्कि परिवार की पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि नुकसान का तत्काल आकलन करवाकर किसान को मुआवजा दिया जाए और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस मामले में उचित कार्रवाई किए जाने के प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दोपहर दो बजे लोगों ने अपना धरना समाप्त किया।
