विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhai Dooj 2022: 27 अक्टूबर को मनेगा भाई दूज, जानिए टीका करने का शुभ मुहूर्त, तिलक विधि

By rahul sharmaEdited By: Rahul Sharma
Published: Tue, 25 Oct 2022 07:07 AM (IST)

Bhai Dooj 2022 भैया दूज टीका लगाने का शुभ मुहूर्त 27 अक्टूबर गुरूवार को सुबह 06 बजकर 48 मिंट से ...और पढ़ें

इस ‌दिन कोई भाई अपने बहन के हाथों से खाना खाए तो भाई की आयु लंबी होती है।
इस ‌दिन कोई भाई अपने बहन के हाथों से खाना खाए तो भाई की आयु लंबी होती है।

जम्मू्, जेएनएन : भाई दूज का त्यौहार कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। भाई दूज का त्योहार भाई और बहन के प्यार को सुदृढ़ करने का त्यौहार है। दिवाली से दो दिन बाद मनाया जाने वाला यह त्यौहार हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक को दर्शाता है।

पहला पर्व रक्षाबंधन जो कि श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है। दूसरा त्यौहार भाई दूज का होता है भाई दूज को भाऊ बीज, टिक्का, यम द्वितीय और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है, इसमें बहनें भाई की लम्बी आयु की प्रार्थना करती हैं।

श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि अगर इस ‌दिन कोई भाई अपने बहन के हाथों से खाना खाए तो भाई की आयु लंबी होती है।

शुभ मुहूर्त में लगाएं तिलक : कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 26 अक्टूबर बुधवार को दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से शरू होगी और अगले दिन यानी 27 अक्टूबर गुरूवार को दोपहर 12 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 27 अक्टूबर गुरूवार को करना ही उत्तम होगा। भैया दूज टीका लगाने का शुभ मुहूर्त 27 अक्टूबर गुरूवार को सुबह 06 बजकर 48 मिंट से लेकर दोपहर 12 बजकर 46 के पहले कर लेना शुभ होगा। अगर 26 अक्टूबर को भाई दूज (टिक्का) लगाना हो तो दोपहर 2 बजकर 43 मिनट के बाद।

भैया दूज के दिन ऐसे करें पूजा : भैया दूज वाले दिन बहने शुद्ध आसन पर अपने भाई को बिठाकर सबसे पहले बहन अपने भाई के मस्तक पर पर सिंदूर, अक्षत, पुष्प का तिलक लगाकर कलावा बांधे और भाई के मुंह में मिठाई, मिश्री और माखन लगाएं घर पर भाई सभी प्रकार से प्रसन्नचित्त जीवन व्यतीत करें, ऐसी मंगल कामना करें और उसकी लम्बी उम्र की प्रार्थना करें,इसके बाद यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर घर की दहलीज के बाहर रखें जिससे भाई के घर में किसी प्रकार का विघ्न-बाधां न आए और वह सुखमय जीवन व्यतीत करें,इसके बाद भाई बहनों को उपहार दे, सगी बहन ना हो तो मामा, चाचा, मित्र या धर्म बहन से तिलक लगाएं। शाम के समय बहनें यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर दीए का मुख दक्षिण दिशा की ओर करके रखें।

राशि अनुसार खिला सकती हैं मिठाई

  • मेष* अगर आपके भाई की राशि मेष है तो भाई को मालपुए खिलाएं ।
  • वृषभ* राशि के भाई को दूध से निर्मित मिठाई खिलाएं।
  • मिथुन* राशि के भाई को बेसन से निर्मित मिठाई खिलाएं।
  • कर्क* राशि के भाई को रबड़ी खिलाएं।
  • सिंह* राशि के भाई को रस वाली मिठाई खिलाएं।
  • कन्या* राशि के भाई को मोतीचूर के लड्डू खिलाएं।
  • तुला* राशि के भाई को हलवा या घर में निर्मित मिठाई खिलाएं।
  • वृश्चिक* राशि के भाई को गुड़ से बनी मिठाई खिलाएं।
  • धनु* राशि के भाई को रसगुल्ले खिलाएं।
  • मकर* मकर राशि के भाई को बालूशाही खिलाएं।
  • कुंभ* राशि के भाई को ग्रीन मिठाई खिलाएं।
  • मीन* राशि के भाई को मिल्क केक खिलाएं।