जम्मू, राज्य ब्यूरो। ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव में राजनीतिक दलों की भागीदारी भाजपा व पैंथर्स पार्टी तक सीमित होकर रह गई है। भाजपा ने जम्मू, लद्दाख व कश्मीर में भी अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन पैंथर्स जम्मू संभाग तक ही सीमित है।

बीडीसी चुनाव में 1382 में से करीब 75 फीसद निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में विपक्षी राजनीतिक पार्टियां इन निर्दलीय उम्मीदवारों के माध्यम से अपने राजनीतिक हित साधेंगी। वे भाजपा के जीत में अड़चनें पैदा करने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देंगी। कांग्रेस इसकी घोषणा भी कर चुकी है। जम्मू कश्मीर में पहली बार होने जा रहे इस चुनाव में प्रदेश भाजपा व पैंथर्स पार्टी को छोड़कर कोई भी राजनीतिक पार्टी चुनाव मैदान में नहीं उतरी है। बीडीसी चुनाव में 280 उम्मीदवार उतारने वाली भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

वहीं, पैंथर्स पार्टी के उम्मीदवारों की संख्या 50 से भी कम है। पैंथर्स पार्टी ऊधमपुर व सांबा जिलों में उम्मीदवार उतार कर जोर लगा रही है। जम्मू जिले में पैंथर्स का सिर्फ एक उम्मीदवार ही मैदान में है। प्रदेश भाजपा ने सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनाव में कामयाब होने के लिए जोर लगाने की जिम्मेदारियां सौंप रखी है।

चुनाव में भाग न लेकर एक्सपोज हो गई पीडीपी, नेकां व कांग्रेस : गुप्ता

भाजपा प्रवक्ता ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता का कहना है कि बीडीसी चुनाव में हिस्सा न लेकर पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस एक्सपोज हो गई है। ये राजनीतिक पार्टियां लोगों के हितों से कहीं अधिक महत्व अपने हितों को देती हैं। अब बीडीसी के चेयरमैन इन स्वार्थी राजनीतिक दलों द्वारा कश्मीर में पैदा किए गए राजनीतिक शून्य को पूरा कर आम लोगों को सशक्त बनाएंगे। बहिष्कार की राजनीति करने वाले इन दलों को स्वीकार कर लेना चाहिए कि अनुच्छेद 370 हट चुका है। उनके लिए ड्राइंग रूम की राजनीतिछोड़ कर आम लोगों के हितों के संरक्षण के लिए बाहर आना मजबूरी बन गया है।

बीडीसी चुनाव करवाकर मनमर्जी कर रही भाजपा : हर्षदेव

पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में चुनावी माहौल न होने के बाद बीडीसी चुनाव करवाकर भाजपा अपनी मनमर्जी कर रही है। कश्मीर व जम्मू के पहाड़ी जिलों में हम पूरी कोशिश करने के बाद भी अपने उम्मीदवारों से संपर्क नहीं कर पाए हैं। भाजपा ने अपने हित में चुनावी जमीन तैयार की है। बेहतर होता कि सरकार चुनाव करवाने का फैसला करने से पहले ऐसे हालात बनाती, जिससे ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक दल अपना पूरा जोर लगाते।

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप