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बारिश ने कर दिया कमाल! जम्मू के खेतों में लहलहा रही बासमती, खुश हुए किसान; इस बार अच्छी कमाई की उम्मीद

Published: Wed, 19 Aug 2026 11:42 AM (IST)

जम्मू में अच्छी बारिश से बासमती धान के खेतों में हरियाली छा गई है, जिससे किसानों को बंपर उपज की ...और पढ़ें

जम्मू में बासमती धान की बंपर फसल की उम्मीद।

जम्मू में बासमती धान की बंपर फसल की उम्मीद

HighLights

  1. जम्मू में अच्छी बारिश से धान के खेत हरे-भरे।

  2. किसानों को बासमती की बंपर उपज की उम्मीद।

  3. रणबीर बासमती 370 के बीज संभालकर रखते हैं किसान।

जागरण संवाददाता, जम्मू: बासमती धान की रोपाई के आरंभिक दिनों में पानी की कमी से परेशान किसान अब राहत महसूस कर रहे हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन हो रही बारिश ने धान की फसलों को मजबूती प्रदान की है। अब किसानों को पंपसेट चलाने या नहरों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है।

समय-समय पर हो रही बारिश ने जम्मू की आरएसपुरा बेल्ट में बासमती धान की फसल को जीवनदान दिया है, जो अत्यधिक पानी की मांग करती है।

65 हजार हेक्टेयर में बासमती की फसल

आरएसपुरा बेल्ट में अखनूर से कठुआ तक 65 हजार हेक्टेयर में बासमती की फसल उगाई जाती है। इस क्षेत्र का बासमती धान अपनी महक और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, जिसके कारण किसान पारंपरिक खेती करते आ रहे हैं। नंदपुर के किसान विजय सैनी ने इस बार बड़े पैमाने पर बासमती की खेती की है।

अच्छी कमाई की उम्मीद

प्रारंभ में बारिश की कमी से चिंतित रहने के बाद अब उनकी फसल तेजी से बढ़ रही है। यदि सितंबर में भी बारिश होती है, तो जम्मू के किसान बंपर फसल की उम्मीद कर सकते हैं। अरनिया के किसान महेश सिंह ने कहा कि बासमती धान के खेतों की हरियाली देखकर मन प्रसन्न है। बासमती लगाने वाले किसान अब अच्छी कमाई की उम्मीद कर रहे हैं।

 सरकार से अपील

सोहांजना के किसान कुलभूषण खजूरिया ने बताया कि बासमती धान तैयार होने में समय लेता है, लेकिन स्थानीय बासमती की खेती पसंद की जाती है। पनोतरे चक के किसान कुलदीप राज ने कहा कि स्थानीय बासमती, जिसे रणबीर बासमती 370 कहा जाता है के बीज किसान संभालकर रखते हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि देसी बासमती उगाने वाले किसानों के हितों की रक्षा की जाए और उन्हें उचित दाम दिलाए जाएं। पिछले कुछ वर्षों में किसान अच्छे दाम नहीं प्राप्त कर पाए हैं।