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सरकारी योजना की मदद से शुरू किया मछली पालन, अब सालाना लाखों कमा रहे जम्मू के बसंत कुमार; अपनाया ये फॉर्मूला

Published: Thu, 22 Oct 2026 07:00 AM (IST)

How To Start Fish Farming: जम्मू के खवास्का गांव के किसान बसंत कुमार मछली पालन से सालाना 6-7 लाख रुपये ...और पढ़ें

3 कनाल के तालाब से सालाना लाखों की कमाई कर रहे बसंत। (फाइल फोटो)

3 कनाल के तालाब से सालाना लाखों की कमाई कर रहे बसंत। (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, मीरा साहिब। जम्मू के सतवारी ब्लॉक के खवास्का गांव के किसान बसंत कुमार खेती के साथ मछली पालन से अच्छी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने इस व्यवसाय में अपनी अलग पहचान बनाई है। बसंत कुमार अब दूसरे युवाओं को भी मछली पालन अपनाने और इसे रोजगार का जरिया बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

किसान बसंत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022-23 में मछली पालन का काम शुरू किया और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2022 में फिशरी पॉन्ड का निर्माण करवाया।

उन्होंने बताया कि मछली पालन करने के लिए उन्होंने अपनी 3 कनाल जमीन में तालाब बनाया हुआ है । मछली पालन विभाग की ओर से तालाब निर्माण के लिए 1,85,000 की राशि दो किस्तों में उपलब्ध करवाई जाती है और इसके एवज में 50% सब्सिडी मिलती है।

1 साल के लिए फ्री में मछली का चारा 

किसान ने बताया कि विभाग की ओर से फ्री में मछली का बीज और 1 साल के लिए फ्री में मछली का चारा की उपलब्ध करवाया जाता है। बड़ी बात यह है कि उनको अपनी तैयार मछली को बेचने के लिए मंडी में भी नहीं जाना पड़ता और आसपास के गांव के लोग ही उनसे खरीद लेते हैं। ₹250 किलो में उनकी मछली बिक जाती है।

एक साल में 6 से 7 लाख रुपये का मुनाफा

बसंत कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में उन्होंने अपने मत्स्य पालन व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए बायोफ्लॉक यूनिट भी स्थापित की। उनके मुताबिक, इस काम से उन्हें एक साल में करीब छह से सात लाख रुपये का मुनाफा हुआ।

उन्होंने बताया कि आज युवाओं को सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय मछली पालन व्यवसाय को अपनाना चाहिए और आर्थिक तौर पर अपनी स्थिति को मजबूत बनाना चाहिए।

बेरोजगार युवाओं और किसानों से अपील 

बसंत कुमार ने बेरोजगार युवाओं और किसानों से अपील की कि वे मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन स्वरोजगार का एक अच्छा साधन बन सकता है और इसके माध्यम से युवा अपनी आमदनी बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।