जम्मू, जागरण संवाददाता। जम्मू के राजा भगवान श्री गणेेश के स्वागत की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। गणेेश चतुर्थी के दिन 13 सितंबर को गौरी नंदन के लक्ष्मी नारायण मंदिर गांधी नगर और आप शम्भू मंदिर सतवारी में विराजते ही गणेेश महोत्सव की धूम शुरू हो जाएगी।

धार्मिक कार्यक्रम के साथ सुबह व शाम के समय की जाने वाली विशेष आरती श्रद्धालुओं के लिये आकर्षण का केंद्र रहेगी। गणेेश महोत्सव समिति के संस्थापक संजय शास्त्री ने बताया कि मुंबई से भगवान श्री गणेेश का जम्मू में आगमन हो चुका है।

विशाल सिंहासन पर बैठे भगवान गणेेश को गाजे-बाजे के साथ 13 सितंबर को मंदिर के प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ स्थापित किया जाएगा। 22 सितंबर तक चलते वाले इस महोत्सव के दौरान सुबह व शाम के समय विशेष आरती की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में सुख-समृद्धि के लिये हवन-यज्ञ भी होगा। कथा वाचक गणेेश कथा का रसपान कराएंगे जबकि वृंदावन से आये कलाकार बाल गणेेश व बाल कृष्ण की लीलाओं का मंचन कर वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। 23 सितंबर को सुबह की विशेष आरती के बाद गौरी नंदन को गाजे-बाजे के साथ विदा किया जाएगा।

वहीं श्री हृदय नंद गिरि जी महाराज ने बताया कि 13 सितंबर के दिन ही सतवारी स्थित आप शम्भू मंदिर में भगवान गणेेश की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इसी के साथ समस्त मानवजाति की कुशलता की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू कर दिया जाएगा। सुबह व शाम के समय की जाने वाली पूजा लोगों के लिये आकर्षण का केंद्र रहेगी। 23 सितंबर को उन्हें विदा किया जाएगा। उन्होंने समस्त जम्मू वासियों को महोत्सव में शामिल होकर गणपति का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कहा।

Posted By: Preeti jha