विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने जम्मू के अविनाश चौधरी, घर पहुंचने पर स्वागत के लिए फूल-मालाएं लेकर उमड़ी भीड़

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:38 PM (IST)

भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने अविनाश चौधरी जोहल का मीरा साहिब में जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया। उन्होंने क्षेत्र ...और पढ़ें

भारतीय सेवा में लेफ्टिनेंट बनाकर अपने घर पहुंचे लेफ्टिनेंट अविनाश चौधरी का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय लोक दल के संभागीय अध्यक्ष हरबंस चौधरी जोहल।

भारतीय सेवा में लेफ्टिनेंट बनाकर अपने घर पहुंचे लेफ्टिनेंट अविनाश चौधरी का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय लोक दल के संभागीय अध्यक्ष हरबंस चौधरी जोहल।

HighLights

  1. लेफ्टिनेंट अविनाश चौधरी जोहल का मीरा साहिब में स्वागत

  2. भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया

  3. युवाओं को मेहनत और लगन से लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश

संवाद सहयोगी, मीरा साहिब। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन कर अपने निवास स्थान मीरा साहिब में पहुंचे लेफ्टिनेंट अविनाश चौधरी जोहल पुत्र राजेंद्र सिंह जोहल का स्थानी लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय लोकदल के संभागीय अध्यक्ष हरबंस चौधरी जोहल की तरफ से जोरदार तरीके के साथ स्वागत किया गया।

लेफ्टिनेंट बनने पर अविनाश चौधरी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के कप्तान उत्तम सिंह चिब, आकाश चौधरी जोहल, जंग बहादुर सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

इस मौके पर राष्ट्रीय लोकदल के संभागीय अध्यक्ष हरबंस चौधरी जोहल ने कहा कि भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अविनाश चौधरी ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है और पूरे क्षेत्र को उन पर गर्व है।

हरबंस चौधरी ने कहा कि भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अविनाश चौधरी जोहल ने नौजवान पीढ़ी को संदेश दिया है की मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अविनाश चौधरी जोहल के पिताजी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अब उनके बेटे ने लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा करने का फैसला किया है। इस मौके पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने अविनाश चौधरी जोहल ने उनके स्वागत में पहुंचे सभी लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि सभी के आशीर्वाद से उन्हें के मुकाम हासिल हुआ है।

इस अवसर पर अन्य लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखे और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर अविनाश चौधरी जोहल को मुबारकबाद दी।