जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र 21 सितंबर से, बेरोजगारी; आरक्षण और वादों को लेकर हंगामे के आसार
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 10 दिवसीय शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें सरकार को बेरोजगारी, आउटसोर्सिंग और चुनावी वादों पर विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरद सत्र 21 सितंबर से। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 10 दिवसीय शरद सत्र 21 सितंबर से शुरू होगा। सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों में आउटसोर्सिंग, आरक्षण नीति, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण और चुनावी वादों को पूरा नहीं करने जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने नेशनल कान्फ्रेंस के नेतृत्व वाली उमर अब्दुल्ला सरकार पर चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि पार्टी विधानसभा सत्र के दौरान जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
ठाकुर ने प्रदेश में भ्रष्टाचार जारी रहने का आरोप लगाते हुए कथित ‘आउटसोर्सिंग घोटाले’ को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया।
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी विधायक 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को भी सदन में उठाएंगे। इनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा प्रमुख है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हुई है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के शासन और राजनीतिक मामलों से जुड़े चुनावी वादे भी शामिल
वहीं, पुलवामा से पीडीपी विधायक वहीद पारा ने कहा कि उनकी पार्टी बेरोजगारी, आउटसोर्सिंग, आरक्षण नीति और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाएगी। उन्होंने कहा कि सत्र की अवधि सीमित है, इसलिए पार्टी अधिक से अधिक जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने का प्रयास करेगी। इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के शासन और राजनीतिक मामलों से जुड़े चुनावी वादे भी शामिल होंगे।
सत्तारूढ़ नेशनल कान्फ्रेंस ने कहा है कि सरकार विधानसभा में अपने कामकाज का रिकॉर्ड पेश करेगी और विपक्ष के सवालों का जवाब देगी। एनसी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि जनता की चिंताएं सरकार की प्राथमिकता हैं और प्रशासन चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।
सत्र की शुरुआत दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी
डार ने कहा कि सरकार यह दावा नहीं करती कि उसने सभी वादे पूरे कर दिए हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने विपक्ष से सदन में जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष जनहित के मुद्दे उठाता है और सरकार उनका जवाब देती है।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर की ओर से जारी अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार, 21 सितंबर को सत्र की शुरुआत दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। 22 सितंबर को सरकारी कामकाज होगा। 24 सितंबर को निजी सदस्यों के विधेयक और 25 सितंबर को निजी सदस्यों के प्रस्ताव लिए जाएंगे। 28 सितंबर को निजी सदस्यों के विधेयक, जबकि 29 और 30 सितंबर को सरकारी कामकाज प्रस्तावित है
