जम्मू, राज्य ब्यूरो। विस्थापित कश्मीरी पंडित व भाजपा नेता अश्विनी चरंगू ने कहा है कि कश्मीर में अल्पसंख्यकों की विश्वास बहाली के लिए उनकी सुरक्षा को यकीनी बनाना जरूरी है। कश्मीर में सही मायनों में हालात तभी बेहतर होंगे जब वहां पर अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित मानेंगे।

चरंगू ने उम्मीद जताई कि इस समय गृहमंत्री अमित शाह का दौरा कश्मीर में अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उनका आना जम्मू कश्मीर में हालात बेहतरी के लिए केंद्र सरकार की गंभीरता को भी दर्शाता है। वह सोमवार को गृहमंत्री के जम्मू कश्मीर दौरे की प्रासंगिकता पर जम्मू में आयाेजित वेबीनार में विचार व्यक्त रहे थे। भाजपा के राजनीतिक फीडबैक इकाई के प्रभारी चरंगू ने कहा है कि इस समय कश्मीर में अल्पसंख्यक आतंकवादियों का आसान निशाना बना रहे हैं। ऐसे माहौल में गृहमंत्री का आना यह संकेत दे रहा है कि अब सुरक्षा हालात बेहतर होंगे।कश्मीर में अल्पसंख्यकों पर हमलों का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अल्पसंख्यकों, अन्य प्रदेशों के लोगों, पीएम पैकेज के तहत लगे हिन्दू कर्मचारियों को चुन चुन कर मारा जाना एक गंभीर मुद्दा है।

सरकार व सुरक्षा की जिम्मेवारी संभालने वाले विभागों को इस दिशा में उचित कार्रवाई करनी चाहिए। चरंगू ने कहा कि सुरक्षाबल सराहनीय काम कर रहे हैं लेकिन मौजूद हालात में सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा की जानी चाहिए।कश्मीर में हिन्दुओं, सिखों व अन्य प्रदेशों के निवासियों में भय के माहौल पर उन्होंने कहा कि सरकार इस चुनौती का सामना करते हुए इस खत्म करे। गृृहमंत्री के दौरे के बाद हालात में बेहतरी आनी चाहिए। गृहमंत्री के प्रदेश में हर हालात में आतंकवाद को समाप्त करने के बयान पर संतोष जताते हुए कश्मीरी पंडित नेता ने कहा कि कश्मीर में स्थायी शांति होनी चाहिए। बेहतर बदलाव के लिए जरूरी है कि कश्मीर में अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस करें।

Edited By: Vikas Abrol