श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। न्यूयार्क में शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के होने वाले सम्मेलन के मददेनजर कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर सेना को किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार रहने को कहा है। साथ ही वादी के भीतरी यानी संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने फिर से शुक्रवार को एहतियातन निषेधाज्ञा लागू करने का भी फैसला किया है। जम्मू संभाग में भी सभी सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर की संवैधानिक स्थिति में बदलाव के बाद से कश्मीर एजेंडा नाकाम होने से हताश पाकिस्तान अब हर मोर्चे पर समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहा है। वह भारत को परमाणु जंग की भी धमकी दे रहा है। साथ ही जिहादी संगठनों को भी जम्मू कश्मीर में हमले के लिए तैयार कर रहा।शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक प्रधानमंत्री इमरान खान संबोधित करेंगे। कश्मीर मुद्दे पर दोनों आमने-सामने होंगे। जम्मू कश्मीर के संदर्भ में भारत और पाकिस्तान की नीतियों पर नजर रखने वालों के मुताबिक, शुक्रवार का दिन बहुत अहम है।

संयुक्त राष्ट्र में इमरान का भाषण और संयुक्त राष्ट्र द्वारा कश्मीर के संदर्भ लिए जाने वाला स्टैंड सीधे कश्मीर की सियासत और हालात को प्रभावित करेगा। अगर पाकिस्तान वहां भी नाकाम रहा तो वह भारत के साथ जंग मोल ले सकता है। पाकिस्तान के इन मंसूबों को देखते हुए खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर सभी सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इन्हीं परिस्थितियों के मद्देनजर बुधवार को श्रीनगर पहुंचे थे। आज नई दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने खुद कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए पाक की किसी भी साजिश को नाकाम बनाने की रणनीति को अंतिम रुप दिया है। उन्होंने अपनी बैठक में यूएनजीए के सम्मेलन का भी जिक्र किया है। 

Posted By: Preeti jha

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