जम्मू, जागरण संवाददाता। जम्मू कश्मीर को दो भागों में विभाजित कर लद्दाख और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने व अनुच्छेद 370 व 35ए को खत्म करने का कश्मीरी पंडितों ने स्वागत किया है। पनुन कश्मीर के प्रधान विरेंद्र रैना ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है। ऐसे दिन जीवन में कभी-कभी ही आते हैं, जब तारीख ही बदल जाती है। ऐसा ही आज हुआ।

सही मायने में कश्मीरी पंडितों के लिए असली आजादी का दिन है। कश्मीर में एक ऐसा निजाम था जो अनुच्छेद 370, 35ए की आड़ में कश्मीरी पंडितों की घर वापसी नहीं होने दे रहा था। अब पूरी उम्मीद है, कश्मीरी पंडित अपने घरों को लौट सकेंगे।

ऑल इंडिया कश्मीरी यूथ समाज के प्रवक्ता अजय सफाया ने कहा है कि कश्मीर से पलायन करने के 30 साल बाद कश्मीरी पंडितों को आज असल आजादी मिली है। अब जम्मू कश्मीर में एक विधान, एक निशान होगा। आज नए युग की शुरुआत हुई है।

ऑल इंडिया कश्मीरी यूथ समाज के अध्यक्ष पंडित एके भट्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 ही राज्य के विकास में अड़चन थी। माहौल खराब कर रहा था। अनुच्छेद के खत्म होने से जम्मू कश्मीर में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप