श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। राज्य पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक राज्य में एक भी स्थानीय युवा की आतंकी भर्ती नहीं हुई है। हालांकि, इसके पहले कुछ नौजवान गुस्से में, शरारती तत्वों के दुष्प्रचार से गुमराह होकर जरूर आतंकवाद की तरफ चले गए थे। उनमें से कई को हमने वापस मुख्यधारा में लाया है।

तनाव के बावजूद हालात शांतिपूर्ण

उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों द्वारा लश्कर आतंकी आसिफ मकबूल के मारे जाने के बाद बातचीत में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घाटी में तनाव के बावजूद हालात शांतिपूर्ण हैं। पाकिस्तान राज्य में हालात बिगाड़ने के लिए हर संभव साजिश रच रहा है। सरहद पार से लगातर घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। राजौरी, पुंछ, मच्छल, गुरेज, करनाह समेत विभिन्न सेक्टरों में बीते एक माह से लगातार घुसपैठ के प्रयास हो रहे हैं। बार्डर और एलओसी पर तैनात जवानों ने इन्हें पूरी तरह नाकाम बनाया है। घु़सपैठ से संबधित कुछ सूचनाएं हैं। इनकी जांच की जा रही है।

गुलमर्ग सब सेक्टर में सेना ने लश्कर ए ताईबा से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकियों को भी पकड़ा है। एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना की निगरानी में चलने वाले लांचिग पैड पर बड़ी संख्या में आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं।

लोगों में डर पैदा करना चाहता है पाकिस्तान

डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान और आतंकी सरगना जम्मू कश्मीर के लोगों में डर पैदा करना चाहते हैं। वह यहां अफरातफरी का माहौल बनाए रखना चाहता हैं। अपने इस मंसूबे को पूरा करने के लिए वह हर संभव तरीका इस्तेमाल करते हैं। कश्मीर में हालात को सामान्य होता देखा आतंकी कई जगह धमकी भरे पोस्टर जारी कर रहे हैं। यहां तक कि कई जगह लोगों को घरों में जाकर धमका रहे हैं, लेकिन हम जल्द ही इन्हें भी समाप्त कर देंगे। लोगों को एक सुरक्षित और विश्वास पूर्ण माहौल उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। इसे हम निभाएंगे।

कश्मीर में तेजी से सामान्य हो रहे हालात

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मुझे खुशी है कि देश विरोधी तत्वों की तमाम साजिशों और तनाव के बावजूद राज्य में लोगों ने कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने में पूरा सहयोग किया है। राज्य में स्थिति तेजी से सामान्य हो चली है। घाटी में भी जल्द ही हालात राज्य के अन्य भागों की तरह सामान्य हो जाएंगे। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में स्थिति पूरी तरह सामान्य है, सभी स्कूल कॉलेज खुल रहे हैं, बाजार खुल रहे हैं, सड़कों पर आम लागों की आवाजाही सामान्य हो चुकी है। लेह व कारगिल में भी हालात पूरी तरह सामान्य हैं और वहां किसी भी तरह की प्रशासनिक पाबंदी नहीं हैं। घाटी में भी 90 प्रतिशत इलाके में दिन की प्रशासनिक पाबंदियों को पूरी तरह हटाया जा चुका है। नागरिक वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रह है।

सुरक्षाबलों ने बरता संयम, पत्थरबाजों के हमले में नागरिकों की मौत

दिलबाग सिंह ने कहा कि पांच अगस्त के बाद कानून व्यवस्था तोड़ने की 184 घटनाएं हुई हैं। इनमें भी पांच-छह घटनाएं ही गंभीर प्रकृति की कही जा सकती हैं, अन्य छिटपुट ही हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने हिंसक प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के प्रयास के दौरान पूरा संयम बरता है। उन्होंने तीव्र उत्तेजना के बावजूद न्यूनतम बल प्रयोग किया है। इसी कारण सुरक्षाबलों की कार्रवाई में नागरिक मौतों से हम बचे हैं। सिर्फ डाउन टाउन में एक पत्थरबाज की मौत हुई है। इसके विपरीत पत्थरबाजों के हमले में एक ट्रक चालक मारा गया, कई अन्य नागरिक जख्मी हुए हैं। इसी दौरान आतंकियों ने तीन नागरिकों की हत्या करने के अलावा पांच अन्य नागरिकों की हत्या का प्रयास भी किया है।

इंटरनेट पर जारी रहेगी रोक

राज्य पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वादी में सुधरते हालात के आधार पर लैंडलाइन सेवा को पूरी तरह बहाल किया जा चुका है। उत्तरी कश्मीर के दो जिलों में मोबाइल सेवा भी बहाल हो चुकी है। वादी के अन्य जिलों में भी स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और जल्द ही वहां भी मोबाइल फोन सेवा बहाल होगी। हालांकि, इंटरनेट सेवाओं पर कुछ और समय तक पाबंदी रहेगी, क्योंकि पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के अलावा कुछ अन्य तत्व सोशल मीडिया का कश्मीर में हालात बिगाड़ने के लिए दुष्प्रचार करते आए हैं। इसलिए हालात को सामान्य बनाए रखने, अफवाहों पर काबू पाने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के दुष्प्रचार पर काबू पाने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लोगों के जान माल की सुरक्षा के लिए ही लगाई गई है।

संचार सेवाओं पर पाबंदी से आतंकरोधी अभियान भी प्रभावित

दिलबाग सिंह ने वादी में संचार व इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी से सुरक्षाबलों के आतंकरोधी अभियानों पर होने वाले असर को दबी जुबान में स्वीकारते हुए कहा कि दक्षिण कश्मीर में कई जगह हमारे पास आतंकियों के बारे में सूचना देरी से पहुंची। जब तक हम वहां पहुंचे, आतंकी वहां से निकल चुके थे, लेकिन हम जल्द ही दक्षिण कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बना लेंगे। जिस तरह से उत्तरी कश्मीर में कुछ बड़े ऑपरेशन हुए हैं, दक्षिण कश्मीर में भी आतंकरोधी अभियान शुरू किए गए हैं।

गुज्जर समुदाय के दो लोगों की हत्या के लिए जैश जिम्मेदार

त्राल में अगस्त में गुज्जर समुदाय के दो युवकों की हत्या के लिए जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस वारदात में लिप्त आतंकियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले जैश आतंकियों का नेतृत्व एक पाकिस्तानी कर रहा है। 

Posted By: Preeti jha

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