जम्मू, राज्य ब्यूरो। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में शनिवार को हिंसा में सात नागरिकों की मौत के बाद अलगाववादी कश्मीर को फिर से सुलगाने की साजिश रच रहे हैं। सेना ने कश्मीरी अवाम विशेषकर युवाओं को अलगाववादियों के संगठन ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के सोमवार को ‘बादामी बाग चलो मार्च’ को तवज्जो नहीं देने की अपील की है। बादामी बाग श्रीनगर में सेना की चिनार कोर का मुख्यालय है।

सेना के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि सेना लोगों के साथ है। आतंकी और पाक समर्थित अलगाववादी कश्मीरी जनता को भड़का रहे हैं ताकि माहौल खराब हो। लोग बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि सेना, सुरक्षाबल, प्रशासन आतंकवाद और परोक्ष युद्ध लड़ रहा है।

सेना का मकसद कश्मीर में लोगों के सहयोग से शांति स्थापित करना है। कुछ लोग ये नहीं चाहते। सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर आने वाले सैकड़ों आतंकवादियों को इस साल मार गिराया है। ये आतंकी कश्मीर के आम नागरिकों, सुरक्षाबलों, एसपीओ को मारने के लिए जिम्मेदार हैं।

कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए सेना के कई जवान भी शहीए हुए हैं। किसी भी नागरिक की मौत सेना के लिए दुखद होती है। सेना ने कहा कि भड़के माहौल में अलगाववादियों का प्रयास रहता है कि युवाओं को और बवाल मचाने के लिए मुठभेड़स्थल की ओर भेजें। अलगाववादियों का बादामी बाग चलो मार्च भी इसी साजिश का एक हिस्सा है।

पुलवामा हिंसा के विरोध में रविवार को कश्मीर बंद का असर जनजीवन पर भी पड़ा। दक्षिण कश्मीर के कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। पुलिस ने मार्च निकाल माहौल भड़काने के आरोप में पूर्व विधायक इंजीनियर रशीद को हिरासत में ले लिया। वहीं अलगाववादियों के ‘बादामी बाग चलो मार्च ’ आह्वान और कश्मीर बंद को देख सोमवार को कई जगहों पर धारा 144 लागू रहेगी। सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

अलगाववादियों के धड़े ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने दो दिन का कश्मीर बंद का आह्वान किया है। बंद का असर अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, श्रीनगर के अलावा जम्मू संभाग के डोडा, बनिहाल, किश्तवाड़, रामबन में भी दिखा। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर सार्वजनिक वाहन नहीं चले। दक्षिण कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलवामा जिले और श्रीनगर के छह थानों नौहाटा, खनयार, रैनावाड़ी, सफाकदल, एमआर गुंज और मैसूमा में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई थी। प्रशासन ने कश्मीर में रेल सेवाओं को ठप रखा। चार जिलों में मोबाइल इंटरनेट को बंद रखा ताकि अफवाहों से बचा जा सके। अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया है। पूर्व विधायक इंजीनियर रशीद को पुलिस ने श्रीनगर में हिरासत में ले लिया। वह यूएन कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। पूर्व विधायक समर्थकों के साथ राजबाग में मार्च की तैयारी में थे। पुलिस ने सभी को जीरो ब्रिज के पास हिरासत में ले लिया। वहीं जम्मू- खनयार, रैनावाड़ी, नौहाटा, सफाकदल, एमआर गुंज और राममुंशी बाग पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत आने वाली जगहों पर धारा 144 रहेगी। मैसूमा और करालकुंड पुलिस स्टेशनों के अधीन भी पाबंधियां रहेंगी।

श्रीनगर में फायर एंड इमरजेंसी की परीक्षा 

अलगाववादियों के कश्मीर बंद के आह्वान का रविवार को शिक्षित बेरोजगार युवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। श्रीनगर में 5419 युवाओं ने फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की लिखित परीक्षा दी। दो शिफ्टों में हुई परीक्षा में जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख के 7380 उम्मीदवारों ने उत्साह के साथ भाग लिया। श्रीनगर के दस, जम्मू और लेह के एक-एक केंद्र में पहली शिफ्ट में 11 बजे से दोपहर एक बजे तक फायरमैन और फायरमैन ड्राइवर पद के लिए परीक्षा हुई। दूसरी शिफ्ट दो बजे से चार बजे तक हुई, जो तकनीक पदों के लिए थी। कश्मीर में 5421 उम्मीदवारों में से 5419 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। यानी सौ फीसद उम्मीदवारों ने पेपर दिया। इनमें से दो उम्मीदवार जम्मू में बैठे। दूसरी शिफ्ट में 184 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। यह भी सौ प्रतिशत हाजिरी थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 1709 में से जम्मू में 1690 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। दूसरी शिफ्ट में 50 में से 47 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। कारगिल में कड़ाके की ठंड में 39 में से 38 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।

सभी परीक्षाएं स्थगित

केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर ने सोमवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। विश्वविद्यालय प्रवक्ता के अनुसार स्थगित हुई परीक्षा की तिथि बाद में घोषित की जाएगी। वहीं इस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ सांइस एंड टेक्नोलॉजी ने भी सोमवार को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

श्रीनगर में मुस्तैद सुरक्षाकर्मी 

घाटी के हालात की समीक्षा; राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार ने श्रीनगर में एक उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर के सुरक्षा हालात की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस के जवानों को कोई भी ऑपरेशन चलाते समय आम नागरिकों का ध्यान रखने को कहा। गौरतलब है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हिंसा में सात लोगों के मारे जाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। 

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस