सांबा, जेएनएन। देश और मातृभूमि की सेवा करने का जनून किस हद तक युवाओं में भरा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सांबा में आयोजित भर्ती रैली में 44117 युवाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। फौज की नौकरी करने के पीछे इन युवाओं का मकसद मात्र वेतन पाना नहीं है। भर्ती रैली में शामिल होने के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े इन युवाओं के चेहरे के भाव उनकी भावनाओं को साफ तौर पर व्यक्त कर रहे हैं। जम्मू, सांबा और कठुआ के पहाड़ी, सीमांत इलाकों से हजारों की संख्या में रैली में पहुंचे इन युवाओं का कहना है कि समय आने पर वे अपने देश के लिए जान देने को भी तैयार हैं।

सांबा में सेना के शेर बच्चा स्टेडियम में भर्ती रैली के दूसरे दिन भी तीन हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। दो दिनों में 6 हजार से अधिक युवा रैली में भाग ले चुके हैं। यहां आए युवाओं में देश की सेवा का जज्बा देखने लायक है। रैली शुरू होने से पहले तड़के चार बजे ही ये युवा स्टेडियम के बाहर पहुंच गए थे। दौड़, पुशअप, दंड बैठक, छाती की नाप एवं उसे फुलाने आदि के टेस्ट दिए।

तीनों जिलों के युवाओं के लिए सेना की यह भर्ती रैली 12 नवंबर तक चलेगी। करीब 44,117 युवाओं ने भर्ती रैली में शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। इस भर्ती रैली में जनरल डयूटी, सोल्जर टेक्निकल, सोल्जर टेक्निकल नर्सिंग एसिस्टेंस (एएमसी), नर्सिंग एसिस्टेंस वेटेनरी, सोल्जर कलर्क, सोल्जर ट्रेडमैन के पद हैं। जम्मू, सांबा व कठुआ जिला, अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं। इन जिलों के युवाओं में सेना में भर्ती होने की काफी लालसा रहती है। यहां के युवा जल्द से जल्द सेना की वर्दी पहन कर देश सेवा करने की चाह रखते हैं। यही कारण है कि हजारों की संख्या में युवा भर्ती रैली में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। भर्ती रैली में शारीरिक टेस्ट के साथ स्वास्थ्य व लिखित परीक्षा की अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं।

जिला सांंबा के रहने वाले दीपक कुमार ने बताया कि उनके पिता, ताया, चाचा और दादा सभी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिछले साल उसका बड़ा भाई सेना में भर्ती हुआ था, इस बार वे भी देश सेवा को समर्पित होने के लिए पहुंच गया है। उनका कहना था कि सांबा के हरेक घर में सैनिक मौजूद है। ऐसे में वे पीछे कैसे हट सकते हैं। वहीं कठुआ से आए रवि ने बताया कि वह सीमांत इलाके के रहने वाले हैं, उसके पापा किसान है। आए दिन सीमा पर होने वाली गोलाबारी और उसके कारण लोगों को होने वाले नुकसान ने भी उन्हें सेना में शामिल होने का जज्बा जगाया है।

पाकिस्तान सैनिक बेगुनाह लोगों को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती होकर वह पाकिस्तान से बुनाह भारत वासियों के खून का बदला देंगे। दीपक और रवि की ही जरह भर्ती रैली में शामिल हरेक युवा का सेना में भर्ती होने का मिलता झुलता तर्क था। हर कोई फौजी बनकर मातृ भूमि की सेवा की इच्छा रखता है।

Posted By: Rahul Sharma

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