श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने सोमवार को स्थानीय युवाओं को हिंसा के रास्ते पर न चलने की अपील करते हुए कहा कि अगर हथियार उठाने वाला देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाता है तो हम देश के दुश्मनों के प्रति कभी नरमी नहीं दिखाएंगे।

भट्ट ने निकट भविष्य में सरहद पार से घुसपैठ की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका जताते हुए कहा कि गुलाम कश्मीर में एलओसी पर लगभग 160 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। जम्मू कश्मीर लाइट इनफैंट्री के रेजीमेंटल सेंटर में 219 नवारक्षकों के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में कोर कमांडर ने कहा कि हमारा मुख्य मकसद कश्मीर में आम लोगों की हिफाजत करते हुए शांति, विकास और खुशहाली का वातावरण यकीनी बनाना है। उन्होंने कहा कि मेरा अपने जवान भाइयों के लिए संदेश है कि जिस तरह आज सिर्फ कश्मीर से ही 100 से ज्यादा नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं, उसी तरह वह देश के विभिन्न हिस्सों में अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसरों का लाभ लेकर आगे बढ़ें।

सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन पर कोर कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान को पर्याप्त जवाब दिया जा रहा है। हमने कोई बड़ा मोर्चा उसके खिलाफ नहीं खोला। हम पूरी तरह शांति बनाए रखने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब वह कुछ गलत कार्रवाई करेंगे तो हमने जवाब देना ही है।

पाकिस्तानी सेना ने नहीं किया कोई एलान : कोर कमांडर ने उड़ी में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय ग्रामीणों को गांव खाली करने के लिए लाउड स्पीकर से घोषणा करने की बात को नकारते हुए कहा कि ऐसा कोई एलान नहीं हुआ है। हां, एक दो अग्रिम गांवों के लोगों को उन्होंने जरूर ऐसा कुछ कहा है, लेकिन जहां कहा, वहां के लोगों ने गांव खाली नहीं किए हैं।

जैसे हालात होंगे, वैसे हथियार इस्तेमाल होंगे : उड़ी सेक्टर में पाकिस्तानी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई के दौरान तोपखाने के इस्तेमाल पर कोर कमांडर ने कहा कि कौन सा हथियार इस्तेमाल करना है, यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करता है। दुश्मन जैसा हथियार इस्तेमाल करेगा, हमें भी वैसा ही हथियार इस्तेमाल करना पड़ेगा।

घुसपैठ के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन : कोर कमांडर भट्ट ने कहा कि कुपवाड़ा के टंगडार या फिर उड़ी में जो संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है, वह सरहदी इलाकों में तनाव बनाए रखने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में आतंकियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ कराने की साजिश के तहत ही पाकिस्तानी सेना ने किया है, लेकिन वह अपने मकसद में नाकाम रही है।

30-40 के गुटों में लाचिंग पैड पर आतंकी : लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा कि इस समय कश्मीर में एलओसी के पार गुलाम कश्मीर में बने विभिन्न लांचिंग पैड पर 160 से ज्यादा आतंकी हैं। लीपा घाटी, रामपुर, मंडाल व अन्य इलाकों में 30-40 के गुटों में आतंकी जमा हैं जो घुसपैठ के लिए उचित मौका तलाश रहे हैं।

घुसपैठ से निपटने की है पूरी तैयारी : लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा कि इस साल बर्फ कम गिरी है। इसलिए सरहद पार से घुसपैठ के प्रयास जल्द ही शुरू होने और उनमें बढ़ोतरी की पूरी संभावना है, लेकिन हमारा घुसपैठ रोधी तंत्र पूरी तरह मजबूत हैं। घुसपैठ के हर प्रयास को नाकाम बनाते हुए घुसपैठियों को सरहद पर ही मार गिराया जाएगा।अंतिम विकल्प पर ही बल प्रयोग :कोर कमांडर ने शोपियां में जनवरी में सैन्यकर्मियों द्वारा हिंसक भीड़ पर चलाई गई गोली के मामले के न्यायालय में विचाराधीन होने पर किसी तरह की टिप्पणी से इन्कार करते हुए कहा कि हमने कभी किसी नागरिक पर न गोली चलाई है, न चलाएंगे। हमारे जवान व अधिकारी आम लोगों पर कभी बल प्रयोग नहीं करते। वह ऐसा तभी करते हैं जब कोई दूसरा विकल्प नहीं हो। शोपियां में भी जवानों ने तभी गोली चलाई जब एक जवान को भीड़ ने घेरकर मारना शुरू कर दिया था।

सभी सुरक्षा एजेंसियों में पूरा समन्वय : कोर कमांडर ने कहा कि आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाने में सभी सुरक्षा एजेंसियों व सेना के बीच पूरा समन्वय है। मैं और आइजी कश्मीर एसपी पाणि पहले भी कश्मीर में काम कर चुके हैं।

आतंकी आसान टार्गेट तलाशते हैं : कश्मीर में गत रविवार को आतंकियों द्वारा दो पुलिसकर्मियों की हत्या पर दुख जताते हुए कोर कमांडर ने कहा कि आतंकी हमेशा आसान टार्गेट तलाशते हैं, लेकिन हम ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। जल्द ही यहां हालात पूरी तरह सामान्य होंगे।

आइएसआइएस ने ली सौरा हमले की जिम्मेदारी-

राज्य पुलिस बेशक कश्मीर में आइएसआइएस और अलकायदा की मौजूदगी को नकारे, लेकिन ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के सौरा इलाके में एक पुलिसकर्मी की गत रविवार को हुई हत्या की जिम्मेदारी इसी आतंकी संगठन आइएसआइएस ने मंगलवार को ली। बीते वर्ष भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी।आइएसआइएस ने अपनी अधिकृत वेबसाइट अलमाक पर सौरा में हुर्रियत नेता के मकान पर तैनात पुलिसकर्मी फारूक अहमद की हत्या की जिम्मेदारी ली है।

आइएसआइएस ने मारे गए पुलिसकर्मी और उससे लूटी गई राइफल की तस्वीर भी अपनी बेवसाइट पर अपलोड की है। इसके अलावा आइएसआइएस ने अपनी एक अन्य वेबसाइट अल करार मीडिया पर भी अंग्रेजी में लिखा है द वॉर हैज जस्ट बिगन। इसमें मारे गए पुलिसकर्मी की तस्वीर और उसकी राइफल भी दिखाई गई है।यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि सौरा हमले के सिलसिले में आज पुलिस ने श्रीनगर के छत्ताबल इलाके से जिस युवक को हिरासत में लिया है, वह आइएसआइएस के साथ तथाकथित तौर पर लगातार संपर्क में स्थानीय आतंकी इसा फाजली के साथ तथाकथित तौर पर जुड़ा हुआ है।

Posted By: Preeti jha

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