जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू के सुंजवां में इस वर्ष मार्च महीने में हुई सेना की भर्ती रैली में कामयाब होने वाले युवाओं के लिए 25 जुलाई को होने वाले कामन एंट्रेंस टेस्ट को स्थगित कर दिया गया है। टेस्ट की तिथि अब नए सिरे से जारी की जाएगी।

सेना भर्ती कार्यालय ने यह कार्रवाई कोरोना से उपजे हालात व अगले कुछ दिनों में तेज बारिशें, भूस्खलन की मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखकर की है। कामन एंट्रेंस टेस्ट के लिए युवाओं को एडमिट कार्ड भेजे गए थे। लिखित परीक्षा मिलिट्री स्टेशन सुंजवां व मिलिट्री स्टेशन दोमाना में आयोजित की जानी थी।

यह जानकारी देते हुए जम्मू के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल देवेन्द्र आनंद ने बताया कि कामन एंट्रेंस टेस्ट के बारे में अब सिरे से फैसला लिया जाएगा।

सिक्योरिटी डिपाजिट के मुद्दों का समाधान के लिए सब कमेटी का गठन: लद्दाख में प्राइवेट एजेंसियों की तरफ से किए गए कार्यों से संबंधित सिक्योरिटी डिपाजिट और सिविल डिपाजिट के मुद्दों का समाधान करने के लिए तीन सदस्यीय सब कमेटी का गठन किया गया है। लद्दाख में किए गए कार्यों का हिसाब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की ट्रेजरी के पास है। सामान्य प्रशासनिक विभाग की तरफ से जारी आदेश के तहत लद्दाख के अकाउंट व ट्रेजरी के निदेशक अमित सिंह चंदेल, कश्मीर के अकाउंट व ट्रेजरी के निदेशक शाहीन मोहम्म्द अशरफ और लोक निर्माण विभाग के वित्त निदेशक महजर हुसैन को सब कमेटी में शामिल किया गया है।सब कमेटी अकाउंट व ट्रेजरी के महानिदेशक की देखरेख में कार्य करेगी और दस अगस्त 2021 तक कार्य योजना रिपोर्ट सामान्य प्रशासनिक विभाग को सौंपेगी।

रोजगार की मांग को लेकर डेंटल डाक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च : पिछले एक महीने से रोजगार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे बेरोजगार डेंटल डाक्टरों ने शुक्रवार शाम को कैंडल मार्च निकाला। उनका कहना था कि वह अपना काम करने के लिए लोन नहीं चाहते। वे सरकारी नौकरी चाहते हैं। डेंटल डाक्टरों ने शाम को करीब सात बजे अंबफला चौक में एकत्रित होकर कैंडल मार्च शुरू किया। यह मार्च अंबफला से होता हुआ पंजतीर्थि चौक में पहुंचा और वहां से फिर वापस अंबफला चौक में आ गए। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित नारे लिखे हुए बैनर भी उठा रखे थे। इन डेंटल डाक्टरों का कहना था कि गत 13 साल से किसी भी डेंटल सर्जन को रोजगार नहीं दिया गया है। वे लगातार रोजगार की मांग कर रहे हैं लेकिन अब सरकार यह कह रही है कि उन्हें क्लीनिक खोलने के लिए लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्या वे पूरी उम्र बैंकों के ही चक्कर लगाते रहें। डेंटल सर्जन एसोसिएशन के प्रधान डा. राहुल कौल ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई पुख्ता नीति नहीं बनाती तब तक उनका यह प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

Edited By: Rahul Sharma