जम्मू, राज्य ब्यूरो। थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रविवार को कश्मीर में नियंत्रण रेखा का दौरा कर मौजूदा सुरक्षा हालात का जायजा ले जवानों को बुलंद हौसले से दुश्मन के मंसूबे नकारने का अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। आर्मी चीफ उत्तरी कश्मीर में अग्रिम चौकियों का दौरा करने, आतंक से लड़ रही राष्ट्रीय राइफल्स की किलो फाेर्स के अधिकारियों व जवानों से भेंट करने के बाद दिल्ली लाैट गए। अब आर्मी चीफ 7 जून से उत्तरी कमान मुख्यालय ऊधमपुर के दौरे पर आएंगे।

ऊधमपुर में सेना की उत्तरी कमान का युद्ध अभ्यास होने जा रहा है। ऐसे में जनरल मनोज पांडे युद्ध अभ्यास का निरीक्षण करने के साथ श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों का भी जायजा लेंगे। उत्तरी कश्मीर के दौरे के दौरान थलसेना प्रमुख ने नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सेना के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य व दुश्मन द्वारा पैदा की जा रही चुनौतियों का सामना करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई।

जनरल पांडे ने सीमा पार से घुसपैठ नकारने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक उपकरणों व हथियारों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चुनौतीनपूर्ण हालात में देश सेवा कर रहे जवानों से बातचीत कर उनकी मुश्किलों के बारे में जानकारी ली। जवानों के हौसले की सराहना करते हुए उन्होंने सर्तकता के स्तर को बरकरार रखने के लिए कहा। जनरल पांडे उत्तरी कश्मीर में किलो फोर्स के मुख्यालय भी पहुंचे। वहां पर उन्हाेंने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाकर अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे प्रबंधों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कश्मीर में आतंक को समाप्त करने की दिशा में जवानों द्वारा निभाई जा रही भूमिका की भी सराहना की।

इसी बीच लद्दाख, कश्मीर दौरे के बाद अब आर्मी चीफ 7 जून को दो दिवसीय ऊधमपुर दौरे पर आएंगे। सेना की उत्तरी कमान पूर्वी लद्दाख में चीन की चुनौती का सामना करने के लिए लगातार सशक्त हो रही है, ऐसे में इस समय उत्तरी कमान की 14, 15 व 16 कोर संयुक्त अभ्यास करने जा रही है। सेना की 14 कोर लद्दाख की सुरक्षा संभाल रही है। वहीं 15 कोर कश्मीर व 16 कोर जम्मू संभाग की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही है। भारतीय सेना इस समय पाकिस्तान के साथ चीन का सामना करने के लिए लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में आतंक से लड़ रही राष्ट्रीय राइफल्स की एक डिवीजन को पूर्वी ल`ददाख भेजा गया है। इसी तरह से उत्तरी पूर्व में गजराज कोर की एक डिवीजन को भी असम से पूर्वी लद्दाख लाया गया है। इसके साथ पश्चिमी सीमाओं पर पाकिस्तान का सामना करने की जिम्मेदारी रखने वाली उत्तरी प्रदेश की सेना की दो डिवीजनों को भी लद्दाख में चीन का सामना करने की जिम्मेदारी मिली है। 

Edited By: Vikas Abrol