राज्य ब्यूरो, जम्मू : बात सीमा की रक्षा की हो या आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम बनाने की, सेना किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

शुक्रवार को जम्मू में सेना को जानो प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को सेना को करीब से जानने का मौका मिला। जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर ¨सह ऑडिटोरियम में सेना की एक दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल संजय ¨सह ने किया।

सेना की पश्चिमी कमान की 9 कोर की टाइगर डिवीजन जम्मू शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का जिम्मा भी संभाल रही है। सेना की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भारी उत्साह दिखाया। प्रदर्शनी में वे सारे हथियार प्रदर्शित किए गए थे जो कारगिल युद्ध से लेकर सीमा पर आतंकवादियों की घुसपैठ को नाकाम बनाने में इस्तेमाल होते हैं। सेना के टैंक से लेकर आधुनिक संचार यंत्रों तक के स्टालों तक बच्चों की खासी भीड़ उमड़ी। दिनभर स्कूली बच्चे व उनके अध्यापक सेना के टैंक के साथ सेल्फी ¨खचवाते दिखे। प्रदर्शनी में युद्ध, सैन्य अभियानों में इस्तेमाल होने वाले हथियारों से लेकर आतंकवादी विरोधी अभियानों में प्रयोग किए जाने वाले देशृ-विदेश के हथियारों व अंधेरे में दूर तक देखने में सक्षम आधुनिक यंत्र, सेना का अपना मोबाइल नेटवर्क  भी प्रदर्शित किए गए थे। हीर स्टाफ पर तैनात सैनिकों ने हथियारों की खासियत व इस्तेमाल के बारे में बताया। इस दौरान युवाओं को सेना में भर्ती होकर अधिकारी बनने के बारे में भी जागरूक किया गया। स्कूली बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए जागरूक बनाने के साथ ऐसी प्रदर्शनियां समाज का यह संदेश देने के लिए भी होती है कि सेना के हाथों में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। प्रदर्शनी इस बात का भी सबूत है कि भारतीय सेना तेजी से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए लगातार सक्षम हो रही है।

By Jagran