श्रीनगर, राज्य ब्यूरो । राष्ट्रविरोधी तत्वों के दुष्प्रचार से गुमराह होकर आतंकवाद की राह पर चल निकले युवकों को वापस लाने की पुलिस की कवायद के तहत सोमवार को एक और स्थानीय आतंकी हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौट आया।

राज्य पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने सोमवार शाम एक ट्वीट के जरिये कश्मीर में एक और स्थानीय आतंकी के मुख्यधारा में लौटने की पुष्टि की है। उन्होंने इस युवक के नाम की पुष्टि नहीं की है। राज्य पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नवंबर से अब तक सात युवक आतंकवाद का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं।

इन युवकों को वापस लाने में उनके परिजनों के साथ पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर प्रयास किए हैं। मुख्यधारा में लौटने वाले युवक को फिलहाल काउंसलिंग प्रदान की जा रही है। जल्द ही वह सामान्य जनजीवन में शामिल हो जाएगा। 

शोपियां में चार युवकों की मौत ने सियासी तूल पकड़ा-

शोपियां में दो आतंकियों के साथ चार अन्य युवकों की मौत ने सियासी तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक प्रमुख उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि एकीकृत मुख्यालय का मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री को इस घटना की जांच कराते हुए सभी तथ्यों का खुलासा करना चाहिए। सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

गौरतलब है कि जिला शोपियां के पहनू इलाके में रविवार शाम सेना के जवानों की एक नाका पार्टी पर आतंकियों ने गोली चलाई थी। जवाब में सेना के जवानों ने भी गोली चलाई, जिसमें दो आतंकियों के अलावा उनके साथ मौजूद चार अन्य युवक भी मारे गए। सेना ने इन चारों युवकों के आतंकियों के मददगार व ओवरग्राउंड वर्कर होने का दावा किया है, लेकिन स्थानीय लोगों ने सेना के दावे को नकारा है।

नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोपियां कांड पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि किसी की मौत को ओवरग्राउंड वर्कर बताकर न्यायोचित्त नहीं ठहराया जा सकता। शोपियां की घटना कश्मीर में लगातार बिगड़ते हालात को बयान करती है। सेना और मुख्यमंत्री दोनों के बयान परस्पर विरोधी हैं। मुख्यमंत्री ने मरने वालों को नागरिक बताया है। इसलिए बतौर एकीकृत मुख्यालय का मुखिया होने के नाते उनका बयान और फैसला ही अंतिम होना चाहिए। उन्हें इस पूरे मामले की जांच करानी चाहिए, गोली चलने के हालात का पता लगाना चाहिए। सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता और शोपियां के विधायक एडवोकेट यूसुफ बट ने पहनू की घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों को कठोर दंड देने पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि सुरक्षाबलों ने अतीत में हुई ऐसी घटनाओं से सबक नहीं लिया है।माकपा विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने शोपियां घटना की निंदा करते हुए कहा कि जब तक ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर दंड नहीं दिया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।

रविवार को शोपियां की घटना पर सेना जो भी सफाई दे, लेकिन सच यह है कि किसी भी तथ्य के आधार पर आम लोगों की हत्या को न्यायोचित्त नहीं ठहराया जा सकता। शोपियां में जो हुआ, वह निंदाजनक है। कांग्रेस नेता फारूक अंद्राबी ने शोपियां की घटना पर शोक जताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस मामले की पूरी जांच कराकर सच लोगों के सामने लाना चाहिए।

Posted By: Preeti jha

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