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AI बताएगा नक्शा सही या गलत, जम्मू-कश्मीर के अफसर के इनोवेशन को मिला कॉपीराइट; डिजिटल ट्विन से बदलेगा शहरी सिस्टम

By Anchal SinghEdited By: Dallu Slathia
Published: Fri, 25 Sep 2026 07:15 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर के अंकुश कपूर को 'एआई ड्रिवन ऑटोनॉमस बिल्डिंग कंप्लायंस एंड डिजिटल ट्विन बेस्ड अर्बन गवर्नेंस सिस्टम' के लिए राष्ट्रीय ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर के अफसर के AI डिजिटल ट्विन सिस्टम को मिला कॉपीराइट।

जम्मू-कश्मीर के अफसर के AI डिजिटल ट्विन सिस्टम को मिला कॉपीराइट।

HighLights

  1. अंकुश कपूर को एआई-डिजिटल ट्विन शहरी शासन प्रणाली का कॉपीराइट।

  2. यह तकनीक प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सुधार लाएगी।

  3. भवन निर्माण नियमों का स्वचालित अनुपालन और निगरानी संभव होगी।

अंचल सिंह, जम्मू। ई-गवर्नेंस और आधुनिक शहरी तकनीक के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर ने एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जम्मू-कश्मीर आवास एवं शहरी विकास विभाग के चीफ इन्फार्मेटिक्स आफिसर अंकुश कपूर को भारत सरकार के कापीराइट कार्यालय से उनके विशेष नवाचार के लिए आधिकारिक कापीराइट पंजीकरण प्राप्त हुआ है।

उनके इस शोध और नवाचार का शीर्षक ‘एआई ड्रिवन आटोनामस बिल्डिंग कम्प्लायंस एंड डिजिटल ट्विन बेस्ड अर्बन गवर्नेंस सिस्टम’ है। इस तकनीक के विकसित होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शििता व सुधार होगा।

पेटेंट के बाद मिला राष्ट्रीय स्तर का कापीराइट

22 सितंबर 2026 को जारी पंजीकरण संख्या एलडी-20260195452 के तहत पंजीकृत यह प्रणाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीआईएस, कंप्यूटर विज़न और डिजिटल ट्विन तकनीक के समन्वय पर आधारित है। इसका प्राथमिक उद्देश्य भवन निर्माण नियमों के अनुपालन की स्वचालित जांच, जारी निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और पूरे शहरी शासन तंत्र को स्वचालित व पारदर्शी बनाना है। उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक तकनीक के लिए इसी वर्ष की शुरुआत में एक प्रोविजनल पेटेंट भी दाखिल किया गया था।

प्रशासनिक विश्वास और स्मार्ट सिटी विजन

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर अंकुश कपूर ने आवास एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और विश्वास से ही ऐसे उन्नत समाधान तैयार हो सके। यह पहल जम्मू-कश्मीर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग को नई गति देने और एक सक्षम, डेटा-संचालित शहरी प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर बनेगी।

जमीनी अनुभवों से तैयार हुआ नवाचार

अंकुश कपूर लंबे समय से शहरी प्रशासन में डिजिटल बदलाव से जुड़ी अहम परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका दायरा मुख्य रूप से एआई, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट सिटी तकनीकों के जरिए नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार लाने पर केंद्रित रहा है। पूर्व में जम्मू नगर निगम में कार्यरत रहने के कारण उन्होंने प्रशासनिक और जमीनी समस्याओं को बहुत करीब से देखा, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने इस समग्र तकनीकी समाधान को आकार दिया।

एआई और डिजिटल ट्विन तकनीक के दूरगामी लाभ

यह नवाचार शहरी प्रशासन की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी सुधार लाएगा। भवन निर्माण के नक्शों और सुरक्षा मानकों की जांच पूरी तरह स्वचालित होने से मानवीय गलतियों और अनावश्यक लेटलतीफी पर लगाम लगेगी। डिजिटल ट्विन तकनीक शहर के बुनियादी ढांचे का एक जीवंत थ्री-डी मॉडल उपलब्ध कराएगी, जिससे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की पहचान वास्तविक समय में संभव हो सकेगी।

कागजी प्रक्रियाओं और लंबी भौतिक जांच के अभाव से आम नागरिकों को त्वरित स्वीकृतियां मिलेंगी, जिससे विभागों के समय और खर्च में भारी बचत होगी। पूरी प्रक्रिया एल्गोरिदम और सटीक डेटा पर टिकी होने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य के शहरी नियोजन, आपदा प्रबंधन तथा यातायात नियंत्रण के लिए ठोस रणनीतियां बनाई जा सकेंगी।