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लद्दाख में चीन-पाक सीमा के पास गरजीं एयर डिफेंस तोपें, कोर कमांडर ने परखी सेना की ताकत; दुश्मनों को मिला सख्त संदेश

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:03 PM (IST)

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अग्रिम इलाकों में सेना की एयर डिफेंस तोपों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

लद्दाख में अपनी ताकत दिखाने को सेना की एयर डिफेंस की तोपें। फाइल फोटो

लद्दाख में अपनी ताकत दिखाने को सेना की एयर डिफेंस की तोपें। फाइल फोटो

HighLights

  1. लद्दाख के अग्रिम इलाकों में सेना की एयर डिफेंस तोपों का प्रदर्शन

  2. 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत वायु रक्षा क्षमता और हथियारों की सटीकता परखी

  3. फायर एंड फ्यूरी कोर ने उच्च ऊंचाई पर परिचालन तत्परता का प्रदर्शन किया

राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अग्रिम इलाकों में गरजी सेना की एयर डिफेंस की तोपों, आधुनिक हथियारों ने दुश्मनों को अपनी हद में रहने का संदेश दिया। आपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन पर भारी पड़े सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत दिखाई।

सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के अभियान के तहत वीरवार को लद्दाख में फायर एंड फ्यूरी कोर ने अपनी वायु रक्षा क्षमता, एयर डिफेंस वेपन सिस्टम की सटीकता परखी।

फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने फील्ड फायरिंग रेंज में वायोमारी विध्वंसक ब्रिगेड द्वारा किए गए एयर डिफेंस वेपन सिस्टम के फायरिंग अभ्यास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हथियार प्रणाली की संचालन क्षमता, उपकरणों की तत्परता व चुनौतीपूर्ण उच्चतम क्षेत्र में गठन की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया।

फायरिंग अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप एयर डिफेंस सिस्टम की प्रभावशीलता व उपकरणों की तैयारी का आकलन करना था। उंचाइ वाले लद्दाख क्षेत्र में विषम भौगोलिक परिस्थितियां, कम तापमान व कठिन भूभाग सैन्य अभियानों को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। ऐसे में तैनात सैन्य इकाइयों के लिए हथियार प्रणालियों की निरंतर परिचालन तत्परता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

अभ्यास के दौरान एयर डिफेंस वेपन सिस्टम की फायरिंग कर जवानों व अधिकारियों ने अपनी पेशेवर दक्षता, समन्वय व हथियार प्रणाली के प्रभावी संचालन का प्रदर्शन किया। फायरिंग ने यह संदेश दिया गया कि फायर एंड फ्यूरी कोर चुनौतीपूर्ण उंचे इलाकों में प्रभावी वायु रक्षा तैयारियों को बनाए रखने में सक्षम है।

निरीक्षण के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने सभी रैंकों के सैन्यकर्मियों के पेशेवर रवैये, समर्पण व उच्च स्तर की युद्धक तैयारी की सराहना की। उन्होंने परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप निरंतर प्रशिक्षण, उपकरणों की तत्परता व उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर की जिम्मेदारी लद्दाख के अत्यंत ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाए रखना है। इस तरह के फायरिंग अभ्यास न केवल हथियार प्रणालियों और उपकरणों की विश्वसनीयता को परखते हैं, अपितु सैनिकों की वास्तविक परिस्थितियों में तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने की क्षमता का भी आकलन करते हैं।