जम्मू, जागरण संवाददाता : डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या के बाद पुलिस विभाग अपने अधिकारियों के घरों में काम कर रहे निजी घरेलू नौकरों की वेरिफिकेशन करेगा।विभाग की ओर से इस संदर्भ में मौखिक निर्देश दिए गए हैं और इन निर्देशों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों से कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस के अलावा अन्य आला अधिकारियों के घरों में भी काफी संख्या में निजी नौकर हैं जिनमें से अधिकतर डोडा, रामबन, किश्तवाड़ जिलों से हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे युवा शामिल हैं जो सरकारी नौकरी पाने की मंशा लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के घरों में काम करते हैं और उन्हें नौकर का काम करते हुए वर्षों बीत चुके हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि आला अधिकारियों के घरों में काम करने वाले अधिकतर नौकरों की औपचारिक वेरिफिकेशन तक नहीं हुई है।वे इन अधिकारियों के घरों में कैसे काम करने पहुंचे, इस बारे भी कोई जानकारी नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि अकसर अधिकारियों के साथ जान पहचान रखने वाले लोग अपने किसी परिचित को इनके घरों में काम के लिए रखवा देते हैं जिस कारण अधिकारी उनकी वेरिफिकेशन करवाना जरूरी नहीं समझते।

डीजी लोहिया के घर में तैनात नौकर यासीर को लेकर भी कहा जा रहा है कि उसने डीजी लोहिया के घर में काम करने से पहले दो आला अधिकारियों के घरों में काम किया था लेकिन डीजी लोहिया का विश्वास उसने जीत लिया था। यही कारण था कि जब डीजी लोहिया अपने दोस्त के घर रहने गए तो वह उसे भी अपने साथ ले गए जहां यासीर ने उनकी हत्या कर दी थी।

वहीं पुलिस की ओर से अभी वेरिफिकेशन के निर्देशों को लेकर पुष्टि तो नहीं की गई है लेकिन उनका कहना है कि घरेलू नौकरों की वेरिफिकेशन सभी के लिए जरूरी है। इसके अलावा किराएदारों की वेरिफिकेशन की भी अनिवार्य है। 

Edited By: Rahul Sharma

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