जम्मू, जेएनएन। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर और भारत के बीच कानूनी और आर्थिक अड़चनें दूर हो गई है। सही मायनों में जम्मू कश्मीर का भारत के साथ विलय हो गया है। अब देश का कानूनी ढांचा जम्मू कश्मीर में भी लागू हो चुका है। महिलाओं, गरीब तबके के लोगों, अनुसूचित जाति, जनजाति, पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजियों और सफाई कर्मचारियों को अब बराबर के लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकार हासिल हो गए है। औद्योगिक विकास और व्यापार के अड़चनें भी दूर हो गई है।

जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद देश के 71 वे गणतंत्र दिवस पर मौलाना आजाद स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राज्यवासियों को मुबारक बाद देते हुए उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने कहा कि ये एेतिहासिक समय हैं। जम्मू कश्मीर एक नई सुबह देख रहा है। एक सुबह जो उम्मीद जगाती है, एक सुबह जो समृद्धि लाएगी, एक सुबह जो प्रगति की आेर ले जाएगी, एक भोर जो जम्मू कश्मीर में शांति लाएगी। पिछला साल जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए एक बड़े बदलाव का साल था। अस्थायी प्रावधानों के निरस्तीकरण ने जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के बीच वित्तीय और कानूनी बाधाओं को दूर कर दिया है। अब गलतफहमियाें को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि हम अपने गणतांत्रिक मूल्याें का पालन करने के लिए उनके प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें। 

आतंकवाद से लड़ रही पुलिस और सुरक्षा बलों को सेल्यूट करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में सुरक्षा बल अहम भूमिका निभा रहे है। हिंसा में मरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक चिंता का विषय है जिसमें युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाया जाता है। हालांकि आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है लेकिन आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सतर्क रहना चाहिए। हमारे सुरक्षा बलों को सतर्क रहकर जम्मू कश्मीर में शांति भंग करने के प्रयास करने वालों के मंसूबोें को नाकाम बनाना चाहिए।

जम्मू कश्मीर इस समय बेहतर भविष्य के दरवाजे पर खड़ा है। जम्मू कश्मीर में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा और जम्मू कश्मीर के लोगों के बेहतर अवसर पैदा होंगे। अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को अधिक से अधिक आर्थिक गतिविधियों का फायदा मिलेगा। जम्मू कश्मीर में 55 केंद्रीय योजनाएं जिसमें स्कालरशिप, पेंशन, इंश्योरेंस आदि अन्य शामिल है, का सौ प्रतिशत फायदा लोगों को दिया जा रहा है। पहली जनवरी 2020 से जम्मू कश्मीर में सभी टोल पोस्टाें को समाप्त कर दिया गया है।

साल 2019 जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए एक बड़े बदलाव का साल

साल 2019 कई मायनाें में जम्मू कश्मीर के लिए परिवर्तन कारी रहा है। राज्यपाल तथा राष्ट्रपति शासन के तहत, लक्ष्य सरल था सुशासन आैर विकास। सुशासन प्रदान करने के लिए परिणामाें पर ध्यान देने के साथ जन केंद्रित आैर विकासोन्मुखी कार्य संस्कृति को अपनाया गया है। हमारा लक्ष्य परियोजनाआें को समय पर पूरा करने आैर लाभ प्रदान करने पर रहा है। भविष्य में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए आैर उपाय करेंगे कि सरकार बिना किसी मनमानी या देरी के नियमाें पर आधारित तरीके से चले। कानून लागू किए जाएंगे, सभी स्तराें पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, सरकारी कर्मचारियाें का प्राथमिक कर्तव्य जन सेवा है आैर इसे सुनिश्चित किया जाएगा। पिछले 18 महीनाें में विकास के मोर्चे पर बहुत कुछ किया गया है। पिछले 3 वर्षो की तुलना में गत वर्षो में अधिक प्रगति के साथ पीएमडीपी के कार्यान्वयन को गति प्रदान की गई है। दो एम्स, आईआईटी, आइ्रआईएम, र्प्यटन परियोजनाआें, जम्मू रिंग रोड, अखनूर रोड, चनैनी.सुध महादेव रोड, पक्कल डुल तथा किरू पन बिजली परियोजना, पावर ट्रांसमिषन तथा वितरण परियोजनाएं, स्मार्ट सिटी, डल झील, जेहलम तवी बाढ़ बहाली परियोजना, कश्मीरी विस्थापिताें के लिए नौकरियां आैर मकान आैर पीआेके तथा छम्ब से विस्थापित व्यक्तियाें के पुनर्वास पर काम शुरू हो गया है। इनमें से कई प्रगकरण जैसे कि जम्मू आैर श्रीनगर में दो बड़े स्टेडियम, 4 नई पुलिस बटालियन का गठन, जिलाें में स्वास्थ्य सुविधाआें के बुनियादी ढांचे में सुधार, श्रीनगर में फ्लाईआेवर आैर झेलम बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम का पहला चरण पूरी तरह से पूर्ण है या लगभग पूरा होने के करीब हैं। जेटीएफआरपी, जहां जुलाई 2018 में खर्च 1 प्रतिषत से कम था, अब 85 प्रतिषत परियोजनाएं प्रदान की गई हैं आैर लागू की जा रही हैं। यह हमारी काम करने की गंभीरता को दर्शाता है।

पुरानी परियोजनाआें को तेजी से पूरा किया जा रहा

अधर में लटकी परियोजनाआें को पूरा करने के लिए जेकेआईडीएफसी ने उल्लेखनीय काम किया है। 25 साल से अधिक पुरानी परियोजनाआें को तेजी से पूरा किया जा रहा है। स्वीकृत 2,263 लंबित परियोजनाआें में से लगभग 50 प्रतिषत को मार्च 2020 तक आैर शेष को मार्च 2021 तक पूरा किया जाएगा। पुलाें, सड़काें, पेयजल आपूठत योजनाआें, खेल सुविधाआें आैर स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाआें का असर जमीन पर दिख रहा हैं। जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना सुशासन के लक्ष्य का हिस्सा है। हमने पंचायताें, बीडीसी आैर नगर निकायाें के चुनाव कराए हैं; हमने इनके लिए धन, कार्य आैर कार्यवाहकाें को सौंप दिया है। पीआरआई के पास अब एक विकसित भारत में गांधीजी के आधुनिक गाँवाें के सपने को साकार करने के लिए मॉडल गाँव, मॉडल पंचायत आैर मॉडल ब्लॉक बनाने का अवसर है। निकाय चुनावाें के बाद, इन निकायाें को 1,180 करोड़ रुपये अब तक मिले हैं तथा 1,335 करोड़ रुपये आैर मिलेंगे। ये सशक्त निकाय एेसी संस्थाएँ बनने जा रहे हैं जो शहरी परिदृश्य को बदल देंगे।

बिजली व्यवस्था में जल्द होगा सुधार

जम्मू व कश्मीर में बिजली की किल्लत रहती है। सर्दियों में इसकी मांग आैर अधिक बढ़ जाती है। हमने मौजूदा कर्मचारियाें के हिताें की रक्षा करते हुए बिजली विभाग को 5 कंपनियाें में परिवर्तित कर दिया है। इससे बिजली के परिदृश्य में धीरे धीरे सुधार होगा। डिस्कॉम के दो एमडी दोनाें डिवीजनाें में बिजली व्यवस्था को कार्यात्मक बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। खराबियाें को ठीक करने में समय को कम करने के लिए सभी जिलाें में खंभे आैर ट्रांसफार्मराें का अतिरिक्त भंडार रखा गया है। जैसे ही ट्रांसमिशन आैर वितरण परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी आैर निगम सही कमर्शियल लाइन पर चलने लगेंगे, हम उम्मीद करते हैं कि बिजली परिदृश्य में सुधार होगा।

स्वास्थ्य प्रणाली में भी एक साल में हुआ बेहतर सुधार

स्वास्थ्य प्रणाली ने पिछले वर्ष एक शानदार प्रदर्शन किया है। 7 नए मेडिकल कॉलेजाें से, मेडिकल की सीटाें की संख्या दोगुनी हो जाएगी। हमने जम्मू में आयुर्वेद कॉलेज अखनूर, यूनानी कॉलेज गांदरबल, न्यू पीडियाट्रिक्स हॉस्पिटल, बेमिना, मानसिक स्वास्थ्य आैर तंत्रिका विज्ञान संस्थान आैर न्यू मैटरनिटी हॉस्पिटल, गांधी नगर में 1000 से अधिक पदाें के सृजन को मंजूरी दी है। जम्मू व कश्मीर आयुष्मान भारत में 57 प्रतिषत परिवाराें को गोल्ड कार्ड प्रदान करने के साथ अग्रणी है। हेल्थ केयर इन्वेस्टमेंट पालिसी आैर विजयपुर तथा अवंतीपोरा में 2 मेडीसिटी टू जम्मू व कश्मीर को बनाएंगे।

अपराध रोकने के लिए भी उठाए जा रहे कदम

सुरक्षा के मोर्चे पर, पर्याप्त संख्या में बंकर अब जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्राें में तैयार हो चुके हैं आैर बाकी जल्द ही पूरे हो जाएंगे। हमने बांडीपोरा में बंकराें को मंजूरी दी है आैर बारामूला आैर कुपवाड़ा में भी एेसा किया जाएगा। साइबर अपराध की जांच में सुधार के लिए, जम्मू आैर श्रीनगर में एक.एक साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किया गया हैं। 2 महिला बटालियनाें के लिए 2014 स्वीकृत पदाें में से 1350 पदाें पर सीधी भतज् की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, 2 सीमा बटालियनाें के लिए स्वीकृत 2014 पदाें में से, 1350 पदाें पर भी सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

Posted By: Rahul Sharma

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