जम्मू, जागरण संवाददाता: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर 70 सालों से भी अधिक समय से यहां रह रहे रिफ्यूजियों को स्थायी नागरिकता प्रदान करने के बाद केंद्र सरकार ने अब प्रदेश में भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधित कानून में संशोधित कर रिफ्यूजियों की जमीन खरीदने की हसरत को भी पूरी कर दिया है।

पिछले साल अनुच्छेद 370 हटते ही इन लोगों को यहां की नागरिकता का अधिकार व बच्चों को नौकरियां पाने का हक मिल गया था। परंतु डोमिसाइल बनने के बाद भी ये लोग यहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। अब केंद्र सरकार ने भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधित कानून में संशोधित कर रिफ्यूजियों समेत देश के दूसरे लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का रास्ता खोल दिया।

सरकार के इस कदम से ये रिफ्यूजी लोग बहुत खुश हैं। आपको जानकारी हो कि देश विभाजन के समय पश्चिमी पाकिस्तान से बेघर होकर जम्मू-कश्मीर में बसे ये रिफ्यूजी 70 सालों से भी अधिक समय से जम्मू-कश्मीर की नागरिकता व दूसरे तमाम अधिकारों से वंचित रहे। अब ये रिफ्यूजी जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।

क्या कहते हैं रिफ्यूजी

अब सब अच्छा हो रहा: यह अच्छा फैसला आया है। दरअसल, पिछले एक साल से सब कुछ अच्छा ही हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में रही तमाम सरकारों ने हमें 70 साल तक नागरिकता का हक नहीं दिया। मगर हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने अनुच्छेद-370 को हटा हमारी सभी परेशानियों को दूर कर दिया। अब हम जम्मू-कश्मीर के नागरिकता हैं। आज आया दूसरा फैसला भी रिफ्यूजियों के लिए यह बहुत अच्छा है। -लब्बा राम गांधी, प्रधान, वेस्ट पाक रिफ्यूजी फ्रंट

जमीन के मालिक बनेंगे हम: पिछले 70 साल का समय हम लोगों ने संकट में काटा। जम्मू-कश्मीर की नागरिकता, बच्चों की नौकरियों के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। जम्मू-कश्मीर में तो रिफ्यूजी लोग जमीन तक नहीं ले सकते थे। 70 साल से यहां पर रह रहे हैं, इतना हक तो दे देते। सभी पार्टियों के समक्ष आवाज उठाई किसी ने नहीं सुनी। अब केंद्र सरकार के प्रयासों से यह हक मिला है। खुशी होती है कि अब हम कानूनी तौर पर हम जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद सकेंगे। रिफ्यूजी लोग जमीन के मालिक बन सकेंगे। - कुरू राम, निवसी जिंदर मेलू

  • हमें कोई भी कारोबार करना होता था तो हमें दूसरे के नाम पर जमीन का बंदोबस्त करना पड़ता था। क्योंकि जम्मू-कश्मीर के तब अपने नियम होने के कारण गैर नागरिक यहां पर जमीन खरीद नहीं सकता था। हमारे पास भी तो तब नागरिकता नहीं थी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद डोमिसाइल प्रमाणपत्र तो बन गया मगर इसके बल पर भी बाहरी लोग जमीन नहीं खरीद सकते थे। अब सरकार ने कानून में संशोधित कर हमारे लिए जमीन खरीदने का रास्ता बना दिया। - तीर्थ मन्हास, गांव ज्यौड़िया

 

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