श्रीनगर, संवाद सहयोगी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर घाटी में वाकई हालात बदल गए हैं और नए खुली फिजा में सांस ले लोग बेखौफ होकर अपने देशभक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। तभी तो बुधवार को 73वें गणतंत्र दिवस पर घाटी बिलकुल एक अलग अंदाज व रूप में दिखी।

श्रीनगर का ऐतिहासिक लालचौक हो या फिर गांव के छोटे बड़े गलियारे, समूचा कश्मीर तिरंगे के रंगों में पूरी तरह से रंग गई। शैक्षणिक संस्थान हो या सरकारी व रिहायशी इमरातें, हर जगह तिरंगे शान से लहराए गए। गणतंत्र दिवस के अवसर पर समूचे कश्मीर में समारोहों का आयोजन किया गया जिसमें वतन के रखवालों ने तिरंगे की शान को बनाए रखने के अपने जज्बे का भरपूर प्रदशर्न किया ।

सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंधों के मुख्य समारोह श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया गया जहां उपराज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट से सलामी ली। इस अवसर पर सुरक्षाबलों की विभिन्न टुकड़ियों ने मार्च पास्ट कर अपनी मुस्तैदी व दमखम दिखाया। जम्मू कश्मीर कला,संस्कृति एवं भाषा अकादमी से जुड़े कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर वहां उपसिथत दर्शकों का मनोरंजन किया। अपने भाषण में सलाहकार भटनागर ने कहा कि जम्मू कश्मीर शांति, उन्नति व विकास की एक नई डगर पर चल पड़ा है और हम सबको एक साथ इस डगर पर चल प्रदेश को विकास के एक नए शिखर पर पहुंचाना है।

कश्मीर के अन्य जिलों बारामूला, बांडीपोरा, कुपवाड़ा, बड़गाम, अनंतनाग, कुलगाम, शौपियां, पुलवामा व गांदरबल में भी कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच गणतंत्र दिवस मनाया गया। समारोह आयोजित किए गए और राष्ट्रीय ध्वज फहराये गए। समारोहों का आयोजन सुचारु ढंग से हो, इसके लिए प्रशसान ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे और समारोह स्थलों के इर्द गिर्द सुरक्षाबलों की अतिरक्त टोलियों को तैनात किया गया था।

 

Edited By: Vikas Abrol