जम्मू, राज्य ब्यूरो। प्रशासनिक परिषद ने एक अहम फैसला लेते हुए जम्मू में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को मंदिर निर्माण व अन्य सुविधाओं के विकास के लिए 25 हेक्‍टेयर (करीब 62 एकड़ अर्थात ढाई लाख वर्ग मीटर) जमीन अलॉट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह भूमि चालीस साल की लीज पर दी गई है।

इस भूमि पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर निर्माण, वेद पाठशाला, अध्यात्म केंद्र, आवासीय सुविधा और पार्किंग का निर्माण करेगा। आने वाले दिनों में इस भूमि पर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं भी बनाने का प्रस्ताव है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड का गठन सरकार ने टीटीडी एक्ट 1932 एक्ट के तहत एक चैरिटेबल संगठन के तहत किया था।

इस ट्रस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्यात्म, संस्कृति, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त की है। जम्मू-कश्मीर में इस ट्रस्ट के आने का मकसद यहां की पर्यटन क्षमता को बढ़ाना है तथा आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाना है। एक बार यहां पर ट्रस्ट द्वारा मंदिर व अन्य सुविधाओं का निर्माण होने से यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

इससे माता वैष्णो देवी श्राइन और अमरनाथ श्राइन के बाद पर्यटकों को एक ओर मंदिर अपनी ओर आकर्षित करेगा। यही नहीं अन्‍य राज्‍यों से आने वाले श्रद्धालु जम्मू में अधिक देर के लिए रुकेंगे। 

तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर की प्रतिकृति होगा यह मंदिर: जम्मू-कटड़ा के बीच बनने वाला तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर की प्रतिकृति होगा। इससे माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए हर साल आने वाले श्रद्धालु भगवान तिरुपति बाला जी के दर्शन कर सकेंगे। सबसे धनी ट्रस्टों में से एक टीटीडी ने वैदिक स्कूल और अस्तपाल के साथ दो वर्षों में मंदिर निर्माण की बात कही है।

Edited By: Rahul Sharma